नगरीय क्षेत्रों में संजीवनी अभियान शुरू, घर-घर सर्वे कर कोविड संदिग्ध मरीजों की होगी पहचान

सैंपल लेकर टेस्ट रिपोर्ट दी जाएगी, सर्वे मेें सर्दी, खांसी, बुखार की भी जांच होगी

By: Dharmendra Singh

Published: 22 Apr 2021, 08:05 PM IST

छतरपुर। कोरोना संक्रमण की चेन को तोडऩे और घरों में ही कोरोना पॉजिटिव मरीजों की यथासंभव इलाज के लिए छतरपुर जिले के नगरीय क्षेत्र छतरपुर, खजुराहो, राजनगर एवं बड़ामलहरा में संजीवनी अभियान शुरू किया गया है। कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने बताया कि घर-घर सर्वे मेें सर्दी, खांसी एवं बुखार आदि के मरीजों की पहचान की जाकर उन्हें जरूरत की दवाइयां घर पर ही मुफ्त में दी जाएंगी। इसी तरह घर-घर सर्वे में संदिग्ध मरीजों की सैम्पलिंग में मिले कोविड परिणाम की जानकारी भी पॉजिटिव आने पर रोगी को दी जाकर उन्हें तत्काल आइसोलेट कराया जाएगा तथा ऐसे रोगी की मॉनिटरिंग डिस्ट्रिक्ट कमाण्ड एण्ड कण्ट्रोल सेंटर से की जाकर उनके स्वास्थ्य की समीक्षा की जाएगी और रोगी को परामर्श दिया जाएगा। इसके अलावा जिला चिकित्सालय में फीवर क्लीनिक में आने वाले कोविड संदिग्ध मरीजों के टेस्ट परिणाम से भी उन्हें अवगत कराया जाएगा, जिससे रोगी के मन में व्याप्त भय दूर हो सके।

कोविड केयर सेंटर के लिए कर रहे सीधी नियुक्ति
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी छतरपुर डॉ. विजय पथौरिया ने बताया कि कोविड संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को दृष्टिगत रखते हुए नवीन कोविड केयर सेंटर सहित शासकीय चिकित्सालयों में आइसोलेशन, ऑक्सीजन एवं आईसीयू बैड, फीवर क्लीनिक तथा जिला कोविड कमाण्ड सेंटर के संचालन के लिए अस्थाई रूप से तात्कालिक रूप से सीधी भर्ती करते हुए मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इच्छुक व्यक्ति प्रारूप में आवेदन पत्र की पूर्ति कर सकते हैं। यह नियुक्ति अस्थाई रूप से 30 जून तक के लिए ही होगी।

3 हजार से ज्यादा हुए स्वस्थ
पिछले लगभग 15 दिनों से कोरोना महामारी की दूसरी लहर के कारण चारों तरफ भय और घबराहट का माहौल देखा जा रहा है। बीमारी के प्रति यही भय और घबराहट आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम कर देता है जिसके कारण शरीर में ऑक्सीजन का स्तर गिरने लगता है। इस बीमारी को हजारों लोग आसानी से हरा रहे हैं। लोगों का आत्म विश्वास और उनकी जीने के प्रति चाहत इस वायरस को 10 दिनों में परास्त कर रही है। छतरपुर जिले में बुधवार तक 3५६9 लोग इस बीमारी पर विजय पा चुके हैं। गुरुवार को भी 250 लोग इस बीमारी को परास्त कर ठीक हुए हैं।

डरने और घबराने से बढ़ती है मुश्किलें
डॉ. सुनील शर्मा कहते हैं कि मन में आने वाले नकारात्मक विचारों का स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ता है। जैसे ही शरीर नकारात्मक विचारों से भरता है शरीर में कई तरह के हार्मोन्स श्रावित होते हैं। डर के कारण निकले इन हार्मोन्स के चलते शरीर में ऑक्सीजन की ज्यादा डिमाण्ड होने लगती है। कई बार बीमारी के मामूली लक्षण पर ही हम अपना बीपी, सुगर और ऑक्सीजन लेबल बिगाड़ लेते हैं। बीमारी की असली वजह यही है। डॉ. सुनील शर्मा कहते हैं कि इन दिनों सामान्य वायरल फीवर भी फैल रहा है। यदि किसी भी तरह की बीमारी है तो डॉक्टर के निर्देश के अनुसार इसका उपचार शुरू करें, मास्क लगाएं, शारीरिक दूरी रखें और हाथों को सेनेटाइज करते रहें। ज्यादा नकारात्मक खबरों को इकट्ठा न करें, घर में नॉर्मल पानी पिएं, छत पर या खुले कमरे में आधे घंटे पैदल चलें, दोनों समय प्राणायाम करें, संगीत सुनें, किताबें पढ़ें और हर वक्त ये सोचें कि आप आसानी से इस बीमारी को हरा सकते हैं। इतनी सावधानी बरतने पर ही आप इस बीमारी को ठीक कर सकते हैं।
हेल्पलाइन के नंबर पर मिलेगी सलाह
कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने बताया कि चिकित्सालय में बढ़ते रोगी संख्या को कम करने के लिए संजीवनी अभियान नवरात्रि से शुरू किया गया है। इस अभियान में घर-घर जाकर सर्वे करते हुए सर्दी, खांसी, बुखार की जानकारी लेते हुए जरूरत होने पर टेस्ट के रोगी के सैंपल लिए जा रहे हैं, जिससे उसी दिन से रोगी व्यक्ति का उपचार होने लगे और उसे मेडिकल सलाह भी मिल सके। इस अभियान से जिला चिकित्सालय का भार कम होगा और रोगी को न देखने की शिकायत में कमी आएगी। जिला चिकित्सालय में हेल्पलाइन नम्बर 1075 के अलावा 9425304451 और 9425304457 नम्बर पर प्रात: 8 से रात्रि 10 बजे तक परामर्श लिया जा सकेगा।

Dharmendra Singh
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