बोर्ड क्लासों की पढ़ाई कवर करने सभी विभाग के मुखिया को गोद दिलाए स्कूल

211 हाई व हायर सेंकडरी स्कूलों को 150 अधिकारियों के किया सुपुर्द किया
बिंदुवार निरीक्षण के साथ हर सोमवार को देंगे रिपोर्ट, सीखने के स्तर में हो रही प्रगति पर नजर

By: Dharmendra Singh

Updated: 29 Dec 2020, 08:47 PM IST

छतरपुर। कोरोनाकाल के लंबे लॉकडाउन के चलते बंद पड़े स्कूलों की शैक्षणिक गतिविधियां भी शिथिल हो गई थीं। अब जिले भर में शासन के आदेश के बाद 9वीं से 12वीं तक के स्कूल खुल चुके हंै। आने वाले महीनों में इन कक्षाओं के साथ-साथ बोर्ड की परीक्षाएं भी होंगी। 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी अपनी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें इसके लिए उनके शैक्षणिक माहौल को सुधारने हेतु युद्ध स्तर पर प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। जिले के 211 हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों की शैक्षणिक गतिविधियों को बेहतर बनाने कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने अनूठी पहल की है। उन्होंने जिले के लगभग 150 अधिकारियों को इन 211 स्कूलों की जिम्मेदारी सौंपी है। प्रत्येक अधिकारी को 1 से लेकर 3 स्कूलों तक की जिम्मेदारी देकर उनके दायित्व भी निर्धारित कर दिए गए हैं। प्रत्येक अधिकारी को आवंटित स्कूल का सप्ताह में एक बार अनिवार्य रूप से निरीक्षण करना होगा और स्कूल में मौजूद कमियों को अपने स्तर पर दूर करना पड़ेगा।

जिला प्रशासन ने जिला अधिकारियों को अपना विजन प्लान समझा दिया है। इस सप्ताह से अधिकारी स्कूलों का निरीक्षण शुरू कर देंगे। स्कूलों के निरीक्षण की पूरी रिपोर्ट हर सप्ताह सोमवार को होने वाली टीएल बैठक में कलेक्टर के सामने पेश करनी होगी। जिला शिक्षा अधिकारी संतोष शर्मा ने बताया कि कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह के निर्देश पर जिन स्कूलों को अधिकारियों ने गोद लिया है उनके निरीक्षण के लिए एक प्रपत्र तैयार किया है। इस प्रपत्र में अधिकारियों को कई बिन्दुओं पर जांच कर स्वयं के प्रयासों से उन्हें सुधारना होगा।

ये जिम्मेदारियां होंगी अधिकारियों के हवाले
गोद लेने वाले अधिकारी स्कूल के विद्यार्थियों के समग्र विकास के साथ शैक्षणिक स्तर में सुधार लाने के लिए कई स्तर पर प्रयास करेंग। मूल्यांकन से लेकर सुधार की प्रक्रिया निर्धारित करने और परिणामात्मक सुधार लाने तक की जिम्मेदारी इन अधिकारियों पर होगी। जिम्मेदारी वाले स्कूलों में अधिकारियों को स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति कैसी है। विद्यार्थियों की विषयवार कॉपियां, विगत वर्ष के परिणाम और इस वर्ष की तैयारी को परखना, विद्यार्थियों के लर्निंग लेबिल को जांचना होगा। इसके साथ ही शिक्षा और सीखने के स्तर में हो रही प्रगति पर नजर रखना। स्कूल की भौतिक स्थिति पर नजर रखना, कमियों को सुधारने क दिशा में काम करना होगा। कमजोर बच्चों पर विशेष ध्यान देते हुए अभिभावकों को बुलाकर प्रोग्रेस की रुपरेखा बनाना व उस पर का काम करना अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी।

शिक्षकों पर विशेष जिम्मेदारी
जिला शिक्षा अधिकारी संतोष शर्मा ने बताया कि परिणामों को सुधारने के लिए एक-एक विद्यार्थी पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षकों का दायित्व है कि वे विद्यार्थियों के सिलेवस को पूरा कराएं और उनके पिछले रिजल्ट के हिसाब से इस साल की तैयारियों की तुलना करें। जो विद्यार्थी कमजोर हैं उन्हें विशेष कक्षाएं दें, ऐसे विद्यार्थियों के अभिभावकों को भी स्कूल में बुलाकर अवगत कराते हुए सुधार कराना शिक्षक की अहम जिम्मेदारी होगी।

जिला सीईओ से लेकर तहसीलदार तक सभी ने गोद लिए स्कूल
कलेक्टर के निर्देश पर जिला सीईओ से लेकर तहसीलदार, एसडीएम एवं अन्य विभागों के अधिकारियों को स्कूल आवंटित किए गए हैं। जिन अधिकारियों को स्कूल आवंटित हुए हैं उन्हें बगैर शासन की मदद लिए अपने स्तर तक आम जनता के सहयोग से शैक्षणिक और भौतिक परिस्थितियों को सुधारना पड़ेगा। लगभग 150 अधिकारी हैं जिन्हें जिले के 115 हाईस्कूल और 96 हायर सेकंडरी स्कूल गोद दिए गए हैं।

Dharmendra Singh
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