सड़क किनारे बने डेरा पर पहुंची एसडीएम, जच्चा-बच्चा को दिलाई सुविधाएं

समाजसेवी भी आए आगे, राशन-फल और दूध का किया इंतजाम
एसडीएम ने महिला का राशन कार्ड व आंगनबाड़ी में बच्चे का नाम दर्ज कराने के दिए निर्देश
पत्रिका की खबर का असर

By: Dharmendra Singh

Published: 05 May 2020, 06:00 AM IST

छतरपुर। सिविल लाइन थाना के पास सड़क किनारे डेरा डाले धुमक्कड़ जाति की महिला का प्रसव सड़क किनारे चारपाई की आड़ कर कराने की खबर पत्रिका में प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने महिला की मदद की है। एसडीएम छतरपुर सोमवार को धुमक्कड़ जाति के डेरा पहुंची और महिला व बच्चे का हाल जाना। उन्होंने खाद्य अधिकारी को महिला का नाम राशन कार्ड में जोडऩे व बच्चे का नाम आंगनबाड़ी में जोडऩे के निर्देश दिए हैं। उन्होंने परिवार को तीन महीने के राशन की व्यवस्था भी कराई है। वहीं, समाजसेवी भी महिला की मदद के लिए आगे आए हैं।
पत्रिका में खबर पढऩे के बाद सोमवार की दोपहर एसडीएम प्रियांशी भंवर सिविल लाइन थाना के पास रह रही ज्योति के डेरा पहुंची। उन्होंने महिला से बात कर उनकी व बच्चे के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। बातचीत में ये पता चला कि लॉक डाउन के कारण इन लोगों का रोजगार ठप है। तो उन्होंने तत्काल खाद्य अधिकारी को राशन कार्ड में महिला व उसके परिवार का नाम दर्ज कर तीन महीने का राशन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देश दिए कि बच्चे का नाम आंगनबाड़ी में दर्ज कर शासन से दी जाने वाली सभी सुविधाएं बच्चे को दी जाएं।
बच्चे की मुस्कुराहट ने जीत लिया दिल
सड़क किनारे प्रसव की जानकारी पत्रिका की खबर से लगने के बाद महल रोड निवासी रफत खान भी डेरा पहुंचे। उन्होंने महिला को फल, राशन के पैकेट उपलब्ध कराते हुए, बच्चे के दूध के लिए कुछ रुपए भी भेंट किए। रफत खान ने बताया कि बच्चा स्वस्थ्य है, इसकी मुस्कुराहट ने सभी का दिल जीत लिया है। उन्होंने बताया कि महिला के परिजनों को हमने किसी भी प्रकार की मदद की जरूरत पडऩे पर सहयोग देने का आश्वासन दिया है। शहर के और भी लोग है, जो इस परिवार की मदद के लिए तैयार हैं।
नर्स ने बचाई थी जान
शनिवार को सिविल लाइन थाने के समीप बसे घुमक्कड़ जाति के परिवारों से जुड़ी एक महिला ज्योति को दोपहर दो बजे प्रसव पीड़ा होने लगी। महिला के परिजनों ने 108 एंबुलेंस को फोन लगाया लेकिन एंबुलेंस महाराजपुर में मौजूद थी इसलिए मौके पर नहीं पहुंच पायी। महिला की पीड़ा बढ़ती जा रही थी इसी समय अस्पताल से अपने घर लौट रही एक नर्स रुपा सिंह इस महिला और बच्चे के लिए भगवान बनकर आयी। नर्स की मौजूदगी में हाइवे पर ही चारपाई का पर्दा बनाकर महिला का सुरक्षित प्रसव करा दिया गया। प्रसव के बाद मौके पर एंबुलेंस पहुंची जिसके माध्यम से जच्चा-बच्चा दोनों को अस्पताल ले जाया गया। अब दोनों घर वापस आ गए हैं।

Dharmendra Singh
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