एक पंचायत में निर्माण करा रही दूसरी पंचायत

पंचायतों का अजब कारनामा
गौरिहार जनपद भवन के प्रथम तल पर चल रहा निर्माण
शासकीय राशि के ब्याज से मिले 8 लाख रुपए से हो रहा निर्माण

By: Dharmendra Singh

Published: 14 Aug 2020, 06:00 AM IST

छतरपुर। इतिहास में पहली बार ऐसा होगा जब ग्राम सभा का प्रस्ताव किसी पंचायत का और निर्माण किसी दूसरी पंचायत में होगा। ग्राम पंचायत गौरिहार स्थित जनपद पंचायत कार्यालय के उपर हाल का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माणाधीन हाल की तकनीकी स्वीकृति ग्राम पंचायत गौरिहार के नाम से दिनांक 23 जुलाई को जनपद में पदस्थ मनरेगा एसडीओ वीरेंद्र कुमार नायक द्वारा दी गई है, जबकि निर्माण कार्य 6 जुलाई के आसपास शुरू हुआ था। तकनीकी स्वीकृति गौरिहार पंचायत के नाम है और प्रशासकीय स्वीकृति दूसरी पंचायत के नाम से दी गई। जबकि ग्राम सभा अपने कार्य क्षेत्र के लिए ही प्रस्ताव दे सकती है, किंतु इस निर्माण में ऐसा नहीं हो रहा है। ग्राम पंचायत गौरिहार को एजेंसी न बनाकर दूसरी पंचायत के खाते में राशि देकर उसे कार्य एजेंसी बनाया जा रहा है।

दूसरी पंचायत को काम देने का ये है तर्क
जनपद सीईओ केपी द्विवेदी का तर्क है कि ग्राम पंचायत गौरिहार की सरपंच के खिलाफ गबन का मामला विचाराधीन है इस कारण से वे इस पंचायत से जनपद पंचायत के भवन के ऊपर बन रहे हॉल का निर्माण नहीं करा रहे हैं। ग्राम पंचायत गौरिहार के सरपंच के खिलाफ धारा 92 की कार्रवाई की जा रही है। ग्राम पंचायत के सचिव के खिलाफ ऐसा कोई भी मामला नहीं है। अब सवाल ये उठता है कि ग्राम पंचायत में गड़बड़ी है तो दूसरे निर्माण कार्य पंचायत में कैसे चल रहे हैं। ग्राम पंचायत में अब तक लाखों रुपए की लागत से पौधारोपण हो चुका है। करीब एक करोड़ के मनरेगा के काम हो गए हैं। सीसी का निर्माण हो गया है। जब पंचायत दागी है तो फिर ये काम कैसे हो सकते हैं।

उच्चस्तरीय जांच की मांग
लोकजनशक्ति पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष लखन अनुरागी का आरोप है कि जनपद सीईओ व अध्यक्ष ने ब्याज सहित अन्य मदों में प्राप्त राशि का दुरुपयोग किया है। सभी कार्यों की जांच करवाने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। जनपद के विभिन्न मदों की राशि काफी दिनों से बैंक खातों में पड़ी है। उसका लगभग 8 लाख रुपए ब्याज आया है। इस ब्याज राशि का दुरुपयोग किए जाने की बात सामने आई है। निर्माण संबंधी फाइल में जनपद की सामान्य सभा दिनांक 26 फरवरी के प्रस्ताव क्रमांक 19 की प्रतिलिपि संलग्न है। उसमें उल्लेख है कि कार्यालय के ऊपरी तल पर 20 वाई 20 फीट का हाल व परिसर में टीन शेड का निर्माण कराए जाने का प्रस्ताव पारित होने का लेख है। जिसमें महज जनपद अध्यक्ष के हस्ताक्षर है जबकि निर्माण दोगुना हो रहा है।


गौरिहार सरपंच बोलीं- पहले भी कराए इसी तरह काम
ग्राम पंचायत गौरिहार की सरपंच कृष्णा देवी अहिरवार ने आरोप लगाते हुए कहा है कि जनपद परिसर में लगभग 4 लाख की लागत से सीसी निर्माण कराया गया। इसकी कार्य एजेंसी ग्राम पंचायत गौरिहार को न बनाते हुए जनपद सीईओ ने ग्राम पंचायत चुरयारी को एजेंसी बनाया है। इसी तरह हाल ही में जनपद परिसर में टीन शेड का निर्माण लगभग 9 1.85 लाख की लागत से कराया गया है। दो माह पूर्व थाना परिसर में लगभग 1.50 लाख की लागत से शौचालय का निर्माण हुआ है। इन सभी कार्यो की एजेंसी ग्राम पंचायत गौरिहार को न बनाते हुए एजेंसी ग्राम पंचायत चुरयारी को बनाया गया है। जबकि सभी कार्यों की तकनीकी स्वीकृति ग्राम पंचायत गौरिहार के नाम से है।

धारा 92 के तहत कार्रवाई के चलते नहीं दिया काम
ग्राम पंचायत गौरिहार को निर्माण कार्य नहीं दिया गया है। इस ग्राम पंचायत के पदाधिकारियों के खिलाफ धारा 92 की कार्रवाई प्रस्तावित है। 17 लाख रुपए का गबन किया है। वे इस राशि का भी बंदरबांट कर लेते।
केपी द्विवेदी, जनपद सीइओ

नियमानुसार होना चाहिए काम
मामले की जानकारी नहीं है। मैं जानकारी लेता हूं कि नियमानुसार क्या सही है, क्या सही नहीं है, पता लगाता हूं।
हिमांशु चंद्र, सीइओ, जिला पंचायत छतरपुर

Dharmendra Singh
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