सेफ सिटी के पायलट प्रोजेक्ट में शामिल हुआ छतरपुर, हैदराबाद के सी-मॉडल पर तैयार होगी सुरक्षा व्यवस्था

सेफ सिटी ऐप बनाया जाएगा, आत्मरक्षा के लिए पुलिस लाइन में मिलेगा प्रशिक्षण
बुंदेली भाषा में बनेगी वन स्टॉप सेंटर छतरपुर की शॉर्ट फिल्म, बढ़ाएंगे आत्मविश्वास

By: Dharmendra Singh

Published: 10 Feb 2021, 06:56 PM IST

छतरपुर। सेफ सिटी कार्यक्रम के पायलेट प्रोजेक्ट के जिलों में छतरपुर को शामिल किया गया है। जिसका मुख्य उद्देश्य है महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना ताकि उनके साथ किसी भी प्रकार की न तो हिंसा हो और न ही अमर्यादित व्यवहार। उन्हें भयमुक्त होकर सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन जीने का वातावरण मिले। पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने बताया कि सेफ सिटी कार्यक्रम को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए हैदराबाद के सी-मॉडल पर ध्यान केन्द्रित करते हुए कार्ययोजना बनाई जाएगी। इसके साथ ही विशेषज्ञों से सेफ सिटी ऐप भी बनवाया जाएगा। जिसमें इस योजना के मुख्य फीचर्स भी शामिल हों।

आत्मसुरक्षा के लिए जूडो का देंगे प्रशिक्षण
लड़कियों को आत्मसुरक्षा के लिए जूडो का प्रशिक्षण दिलाया जाए इसके लिए छतरपुर नगर के पुलिस लाइन स्थित ऑफिसर्स क्लब (स्टेडियम) पर संचालित हो रहे जूडो प्रशिक्षण से इन्हें दक्ष बनाया जाए, जिसके लिए प्रशिक्षक शंकर लाल रैकवार के मोबाइल नम्बर 9179765609 पर इच्छुक लड़कियां प्रशिक्षण हेतु सम्पर्क कर सकेंगी। इसके अलावा डिजिटल होर्डिंग्स छत्रसाल चौराहे एवं बस स्टैण्ड पर लगाए जाएंगे तथा ई-रिक्शा एवं शहर के विभिन्न क्षेत्रों सहित प्रचार-प्रसार कराने के साथ-साथ दीवारों पर लेखन भी किया जाए। इस अभियान को और अधिक प्रचारित करने के लिए स्कूल एवं कॉलेज परिक्षेत्र में नारी सम्मान की गतिविधियों को बढ़ाने तथा ड्रायवर, कंडेक्टर्स का ओरिएंटेशन गतिविधि करने का निर्णय लिया गया। हॉटस्पॉट के साथ चन्द्रपुरा औद्योगिक क्षेत्र गठेवरा में कार्यरत श्रमिक महिलाओं के कार्य के उपरांत घर वापसी की स्थिति में आने वाले मार्ग पर सुरक्षा मुहैया कराने का निर्णय लिया गया।

ये है शी मॉडल
हैदराबाद में महिलाओं की सुरक्षा के लिए वर्ष 2014 में शी (ी) नाम से मॉडल लांच किया गया। जिसमें पुलिस की शी टीमों से व्हाट्सएप, सोशल मीडिया और फोन सहित कई चैनलों के माध्यम से संपर्क कर तत्काल मदद पा सकते हैं। महिलाओं को छेडऩे, ताकने वाले लोगों की खैर भी यही टीम लेगी। मोबाइल एप्लिकेशन का भी एक विकल्प है, जो अकेले यात्रा करते समय आपात स्थिति में कम से कम समय में उचित सहायता प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है। मदद मांगने वाले के पास कम से कम समय में मोबाइल टीम पहुंच सके, इसके लिए मॉनिटरिंग भी की जाती है।

बुंदेली भाषा में बनेगी शॉर्ट फिल्म
दिल्ली में सन 2012 में हुए निर्भया कांड के बाद उच्चतम न्यायालय द्वारा प्रत्येक जिले में हिंसाग्रस्त महिलाओं की सहायता के लिए केन्द्र खोले जाने के निर्देश दिए गए। जहां एक छत के नीचे महिलाओं को आपातकालीन सहायता, पुलिस सहायता एवं परामर्श, स्वास्थ्य सेवा, आश्रय सुविधा एवं कानूनी सहायता मिल सके, इसके लिए महत्वपूर्ण है वन स्टॉफ सखी सेंटर। जिसका दूरभाष क्रमांक 181 है। जिसके जरिए लड़कियां एवं महिलाएं विषम स्थिति में उनके साथ होने वाली घटना की सूचना यहां देकर सुरक्षा प्राप्त कर सकती हैं। छतरपुर में 15 अगस्त 2018 से वन स्टॉफ सेंटर संचालित है। बैठक में निर्णय लिया गया कि नारी सम्मान के लिए बुंदेली भाषा में भी शार्ट मूवी बनाई जाए तथा शहर के प्रमुख स्थलों पर डिजिटल होर्डिंग्स से भी वन स्टॉफ सुविधा केन्द्र का प्रचार-प्रसार किया जाए। बैठक में उपस्थित अशासकीय सदस्यों से नारी सम्मान के लिए नवाचार के संबंध में भी विचार विमर्श कर निर्णय लिए गए।

कांफिडेंस लाएं और आगे आएं
कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह एवं पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा सहित सदस्यों द्वारा शहर की लड़कियों एवं महिलाओं का आव्हान किया गया है कि उनके साथ होने वाली अमर्यादित घटना की जानकारी देने के लिए वह आगे आएं और खुद में आत्मविश्वास जगाएं। ऐसे सामाजिक, आपराधिक व्यक्तियों को जड़ से मिटाने के लिए निसंकोच होकर आगे आएं, जो गलत कर रहे हैं उन्हेंं दण्ड भी दिलाएं। बच्चियां एवं महिलाएं डरे नहीं निडर होकर बोलें और आपराधिक दोषियों को सजा दिलाने के लिए निडर बने।

सम्मान जरूरी
कलेक्टर छतरपुर शीलेन्द्र सिंह ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा एवं सम्मान की जिम्मेदारी समाज के हरेक व्यक्तियों की है। महिलाओं को भयमुक्त सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन जीने का वातावरण मिले। नारी के साथ होने वाले अमर्यादित व्यवहार को रोकने के लिए जनप्रतिनिधियों विशेषकर समाज भी निर्मल भावना से आगे आएं। उन्होंने कहा कि नारी की सुरक्षा के लिए संचालित सम्मान अभियान को समाज के जागरूक व्यक्ति ही गौरव प्रदान कर सकते हैं। इस अभियान में सम्पूर्ण समाज को आगे आकर नारी की सुरक्षा एवं सम्मान के लिए उत्तरदायित्व निभाना होगा।

Dharmendra Singh
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