सोमवती अमावस्या पर जटाशंकर और खजुराहो में पहुंचे हजारों श्रद्धालु

Neeraj soni

Publish: Apr, 17 2018 01:11:50 PM (IST)

Chhatarpur, Madhya Pradesh, India
सोमवती अमावस्या पर जटाशंकर और खजुराहो में पहुंचे हजारों श्रद्धालु

जलाभिषेक कर लगाई परिक्रमा, जटाशंकर में श्रद्धालुओं के लिए हुए विशेष इंतजाम

छतरपुर/बिजावर/खजुराहो। सोमवती अमावस्या के पर्व पर जिले के प्रसिद्ध तीर्थ शिवधाम जटाशंकर और प्रसिद्ध मतंगेश्वर महादेव मंदिर खजुराहो में हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। परंपरा अनुसार लोगों ने यहां जलाभिषेक किया और परिक्रमा करके पूजा-अर्चना की। अमावस्या का मुख्य आकर्षण जटाशंकर में रहा। जहां करीब 80 हजार श्रद्धालुओं ने पहुंचकर पवित्र कुंडों में स्नान किया और भगवान को जल अर्पित किया। इस दौरान मंदिर में कथा, पूजन हवन और अन्य धार्मिक कार्यक्रम चलते रहे। मंदिर ट्रस्ट की तरह से इस बार यहां पर सुरक्षा से लेकर पेयजल और भंडारा को खास इंतजाम थे।
एक दिन पहले से ही जटाशंकर में श्रद्धालु जुटने लगे थे। पूर्व संध्या पर यहां पर भजन संध्या का कार्यक्रम आयोजित किया गया। रातभर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा। यहां पर तीन स्तर पर वाहनों की पार्किंग व्यवस्था की गई थी। 8 टैंकरों से पानी की सप्लाई के लिए व्यवस्था रखी गई। नीचे से ऊपर तक पेयजल व्यवस्था के लिए १२ स्थानों पर पानी के प्वाइंट बनाए गए थे। मुनि कुंड में श्रद्धालुओं के लिए फव्वारा से स्नान की व्यवस्था कराई गई थी। दिव्यांग और वृद्ध श्रद्धालुओं को विशेष द्वार से दर्शन की व्यवस्था निशुल्क रूप से कराई गई थी। करीब 80 हजार की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 6 थानों की पुलिस और एसडीएम, एसडीओपी, तहसीलदार सहित सभी क्षेत्रीय अधिकारी पूरे समय मौजूर रहे। जटाशंकर मंदिर न्यास के अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल ने बताया कि इस बार शादियों के सीजन के बाद भी करीब 80 हजार श्रद्धालु दर्शन करने के लिए मंदिर में पहुंचे। बेहतर इंतजामों के कारण किसी भी तरह की घटना नहीं हुई।
खजुराहो में लगा रहा तांता :
भगवान मतंगेश्वर की नगरी खजुराहो में भी सोमवती अमावस्या के पर्व पर पूरे क्षेत्र से हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन और जलाभिषेक करने के लिए पहुंचा। यहां महिलाओं ने दर्शन-पूजन के बाद पवित्र वृक्षों की १०८ परिक्रमा भी की। सोमवार को अमावस्या होने के संयोग को बुंदेलखंड के जटाशंकर और खजुराहो में विशेष रूप से मनाया जाता है। इसी के चलते गांव-गांव से महिलाएं लमटेरा गायन करते हुए यहां पर पहुंची। कड़ी धूप और गर्मी के बाद भी लोगों की आस्था मौसम पर भारी नजर आई।

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