VIDEO बेटे ने पिता के घर पर किया कब्जा, मारपीट कर तोड़ी कमर,दर-दर की ठोकर खा रहे माता-पिता

Dharmendra Singh

Publish: May, 27 2019 06:00:00 AM (IST)

Chhatarpur, Chhatarpur, Madhya Pradesh, India

छतरपुर। जिसे बेटे को जन्म के बाद से अंगुली पकड़कर चलना सिखाया, ताकि वो डगमगा कर गिर न जाए। जिसे पालकर बड़ा किया, उसका घर बसाया, ताकि वो अनपी जिंदगी में सुखी रहे। दिन रात मेहनत करके बेटे के लिए खुशियां जोड़ते समय माता-पिता ने ये नहीं सोचा था कि, यही बेटा एक दिन उनके बुढ़ापे में उन्हें सड़क पर ला देगा,यही बेटा पिता के साथ मारपीट कर उसे अपाहिज कर देगा। कार्यपालन अधीक्षण यंत्री जल संसाधन विभाग के कार्यालय में भृत्य के पद पर नौकरी करने वाले भगवान दास रैकवार और उनकी पत्नी अधिकारियों के दफ्तर के चक्कर लगा रहे हैं। बेटे की मारपीट से कमर में चोट के कारण भगवान दास ठीक से चल भी नहीं पाते हैं। लेकिन अफसरों के पास इस आस में जाते हैं, कि उनके बुढ़ापे की छांव बनने वाले उनके घर पर से उनके बेटे का कब्जा हटावा दिया जाए। ताकि वे अपने ही घर में वे बुढ़ापे के आखरी दिन गुजारे और अपनी अविवाहित बेटी की शादी कर सके ं।
ये है मामला
भगवान दास के बेटे और बहू ने उसके निजी मकान पर वर्ष 2017 से कब्जा किया हुआ है। इधर, जून 2019 में नौकरी से रिटायर होने पर सरकारी आवास खाली करने और सड़क पर रहने की नौबत आ गई है। भृत्य की नौकरी में जिंदगी भर एक-एक पैसा जोड़कर सिंचाई कॉलोनी के पीछे प्लॉट लेकर दो कमरे बनवाए थे, कि बुढ़ापे में रहने के लिए काम आएंगे। लेकिन उसके बेटे रवि रैकवार ने पिता के घर पर ही कब्जा कर लिया है। भगवान दास व उसकी पत्नी बेटे से अपने ही घर में रहने देने की गुहार लगा रहे हैं। बेटा रहने देता नहीं है, उपर से उसके साथ 4 जुलाई 2017, 23 अगस्त 2018 और 22 मई 2019 को गंभीर रुप से मारपीट भी कर दी। जिसकी दो बार एफआइआर सिविल लाइन थाना में की गई।
आंखो से निकल आते हैं आंसू
अपने ही बेटे के द्वारा किए जा रहे अमानवीय व्यवहार से परेशान बूढे माता-पिता अपनी आप बीती सुनाते सुनाते रो पड़ते हैं। बेटे की मार से पिता की कमर टूट गई है, चलने फिरने तक में परेशानी है। लेकिन रिटायर होने पर अविवाहित बेटी और पत्नी को लेकर कहां रहेंगे, इसी चिंता में भीषण गर्मी के बावजूद पुलिस के अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं, ताकि उनके बुढ़ापे की छांव उनसे छिन न जाए। मां कलावती कहती , कि ऐसा बेटा भगवान किसी को न दे और रोने लगती है। इस बुढापे में अविवाहित बेटी को लेकर कहां जाए, यही सोचकर दोनों की आंखों से आंसू रुकते ही नहीं हैं।
केस दर्ज करने के दिए निर्देश
सिविल लाइन थाना प्रभारी को केस दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। कानूनी प्रावधान के तहत जो भी मदद की जा सकती है, जरुर की जाएगी।
जयराज कुबेर, एएसपी

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned