20 साल बाद मंदिर में फिर से विराजेंगे श्रीकृष्ण, न्यायालय ने दिलाई चोरी गई मूर्ति

प्राचीन मंदिर से चोरी हो गई थी श्रीकृष्ण की प्रतिमा
साल 1981 में अज्ञात चोर चुरा ले गए थे अष्टधातु प्रतिमा

By: Dharmendra Singh

Published: 08 Oct 2020, 09:00 AM IST

छतरपुर। महाराजपुर के कुसमा मोहाल में स्थित राधाकृष्ण मंदिर में 20 साल बाद भगवान कृष्ण अपनी राधा रानी के साथ विराजमान होंगे। अदालती मशक्कत के बाद श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण भगवान की चोरी गई प्रतिमा मिल गई है। अब भगवान एकादशी के दिन राधारानी के साथ एक बार फिर मंदिर में विराजमान होंगे।

अज्ञात चोरों ने भगवान कृष्ण की अष्टधातु की प्रतिमा चुराई थी
7 सितंबर 1981 में महाराजपुर के कुसमा मोहाल में स्थित प्राचीन श्रीराम-जानकी एवं राधा-कृष्ण के मंदिर से अज्ञात चोरों ने भगवान कृष्ण की अष्टधातु की प्रतिमा चोरी कर ली थी। नौगांव थाना पुलिस ने साल 1986 में चोरों को गिरफ्तार किया था। चोरों से कुमसा मोहाल के प्राचीन मंदिर से अष्टधातु की प्रतिमा बरामद हो गई, लेकिन उसे न्यायालय के माल खाने में रख दिया गया था। चोरी की घटना के बाद मंदिर के पुजारी राजाराम उपाध्याय का निधन हो जाने से प्रतिमा को न्यायालय से वापस लाने की प्रक्रिया धीमी पड़ गई। हालांकि कुछ समय बाद मंदिर की समिति का पुनर्गठन हुआ और श्रीकृष्ण भगवान की बरामद प्रतिमा को वापस लाने के प्रयास शुरू किए गए। श्रीराम जानकी मंदिर समिति के अध्यक्ष पप्पू पुरोहित सहित समिति के सदस्यों की सहमति से मंदिर के नए पुजारी के रूप में मिथलेश उपाध्याय को नियुक्त किया गया। समिति अध्यक्ष सहित पुजारी और अन्य श्रद्धालुओं ने न्यायालय में दरख्वास्त लगाई और दो वर्ष चली प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है। जिला न्यायालय से प्रतिमा मिल जाने के बाद कुसमा मोहाल के रामजानकी मंदिर में राधारानी के साथ श्रीकृष्ण भगवान की प्रतिमा को पुन: विराजित करने की तैयारियां शुरू कर दी गईं है।

एकादशी को विराजेंगे भगवान श्रीकृष्ण
कुसमा के श्रीराम-जानकी एवं राधा-कृष्ण मंदिर में अष्टधातु की प्रतिमा को विराजित करने के लिए श्रद्धालु उत्साह से जुट गए हैं। मंदिर समिति के अध्यक्ष पप्पू पुरोहित बताते हैं कि अभी भगवान श्रीकृष्ण को अन्नावास कराया जा रहा है। इसके बाद गंगाजल वास होगा और एकादशी के दिन मंदिर में राधा रानी के साथ श्रीकृष्ण जी की पुनस्र्थापना की जाएगी।

20 साल से अकेली थीं राधारानी
मंदिर के पुजारी मिथलेश उपाध्याय कहते हैं कि प्राचीन मंदिर में रामजानकी जी का दरबार है और उनके साथ ही श्रीकृष्ण और राधारानी की विराजित थीं। अज्ञात चोरों ने श्रीकृष्ण भगवान को चुराया तो राधारानी 20 वर्षों से अकेली थीं। अब न्यायालय से प्रतिमा मिल जाने से ग्रामीणों में उत्साह है और पुनस्र्थापना की तैयारी शुरू कर दी गई हैं। न्यायालय से प्रतिमा लाने के दौरान अध्यक्ष पप्पू पुरोहित के साथ पुजारी मिथलेश उपाध्याय, करन नायक, कल्लू जमींदार, पप्पू उपाध्याय प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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