न कूलर साथ दे रहे न पंखे, जिला अस्पताल में तप रहे मरीज

अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे मरीज व उनके परिजन

By: rafi ahmad Siddqui

Published: 07 Jun 2018, 01:47 PM IST

छतरपुर। जिला अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के चलते मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी में मरीज बेहाल है। बावजूद इसके जिला अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों को कूलर व पंखों की हवा नहीं मिल पा रहा है। मरीजों के लिए पुराने कूलरों की व्यवस्था की गई है। जबकि डॉक्टरों के कक्षों में नए कूलर लगा दिए गए हैं। ऐसे में गर्मी के चलते मरीज परेशान हैं और अपने घरों से पंखा लाने को मजबूर हैं। तो कोई मरीज स्वयं हाथों से पंखा करते हैं। बावजूद इसके अस्पताल प्रबंधन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
जिला अस्पताल में प्रति दिन एक हजार से अधिक मरीज ओपीडी में आते हैं। जबकि तीन सौ से चार सौ मरीज भर्ती रहते हैं। गर्मी के चलते मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खानापूर्ति के लिए कुछ कूलर पंखों को दुरुस्त कराया गया था लेकिन यह कूलर पंखे मरीजों साथ नहीं दे पा रहे हैं। जिला अस्पताल के ट्रामा वार्ड, महिला वार्ड, बच्चा वार्ड आदि में भर्ती मरीजों को दिक्कते आ रही हैं। तो वहीं बर्न वार्ड में भी एसी खराब पड़े हैं। ऐसे में जिला अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीज व उन्हें देखने के लिए आने वाले परिजन बेहाल हैं। गर्मी से हो रही दिक्कतों से अस्पताल प्रबंधन को भी अवगत कराया गया है लेकिन अस्पताल प्रबंधन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जिला अस्पताल में अपने परिजन को देखने के लिए आने दिनेश कुमार ने बताया कि ऐसी गर्मी में गर्मी अस्पताल में तप रहे हैं। फिर भी यहां बेहतर व्यवस्था नहीं की जा रही है।
सोलर पैनल में भी तकनीकी खराबी
जिला अस्पताल में सोलर फोटोवोटेज पॉवर प्लांट के तहत २० केडब्ल्यू सोलर पैनल की व्यवस्था की गई है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय नई दिल्ली व नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग मप्र शासन भोपाल के वित्तीय सहयोग से यह सोलर पैनल लगाया है। मेगाटेक पावर इक्युपमेंटस् प्राइवेट लिमीटेड पुणे द्वारा यह सोलर पैनल सिस्टम लगाया है। बावजूद इसके सोलर सिस्टम का लाभ जिला अस्पताल के मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। तकनीकी दिक्कतों के चलते इसे चलने में दिक्कतें आ रही है। ऐसे में बिजली आपूर्ति ठप हो जाने के बाद मरीजों को बेहाल होना पड़ता है।
इनका कहना
तीन दिन पहले छत से गिरने से घायल हो गए थे। उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। यहां बहुत गर्मी लगती है। अस्पताल प्रबंधन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। उमस भरी गर्मी से सभी बेहाल है। मजबूरी में घर से पंखा लाना पड़ा। अस्पताल के कूलर भी साथ नहीं देते। जिससे दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
राजाबाई, बिजावर
इनका कहना
बाइक से गिरने से घायल हो गए थे। दो दिन से जिला अस्पताल में भर्ती है। ट्रामा वार्ड में भरती है। एक कूलर की वार्ड में व्यवस्था है लेकिन इस कूलर की हवा सभी मरीजों तक नहीं पहुंच पाती। जिससे दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अस्पताल का पंखा तो चलता है लेकिन वह दिखावा मात्र है। जिसका खामियाजा मरीजों व उनके परिजनों को भुगतना पड़ता है। इस मामले में अस्पताल प्रबंधन पूरी तरह लापरवाह बना है।
नन्हें राजा, परापट्टी
इनका कहना
मरीजों के लिए गर्मी को देखते हुए कूलर पंखे दुरूस्त कराए गए थे जो चल रहे हैं। फिर भी अधिक गर्मी होने के कारण दिक्कतें आ रही हैं। अन्य साधनों की व्यवस्था की जा रही है।
डॉ. एसके चौरसिया, सिविल सर्जन जिला अस्पताल छतरपुर
इनका कहना
कभी कभार बैटरी डिस्चार्ज होने पर दिक्कतें आती हैं। सोलर सिस्टम ऑटोमेटिक नहीं रहता। लाइट आने या चले जाने पर कनेक्शन चेंज करना पड़ता है। बैसे सोलर सिस्टम ठीक चल रहा है लेकिन कभी कभार तकनीकी दिक्कतों के कारण परेशानी आ जाती है।
रामदास, इलेक्टिशियन जिला अस्पताल छतरपुर

rafi ahmad Siddqui Desk/Reporting
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