पुलिस की प्रताडऩा से परेशान होकर की सुनील सोनी ने आत्महत्या

Neeraj Soni

Updated: 14 Jul 2019, 05:00:00 AM (IST)

Chhatarpur, Madhya Pradesh, India

छतरपुर। शहर के सटई रोड पर रहने वाले सुनील सोनी ने गुरुवार की रात अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस घटना के बाद से ही पुलिस पर प्रताडऩा के आरोप लग रहे थे। शनिवार को सुनील सोनी की पत्नी ने खुलकर सिविल लाइन टीआई सहित सटई रोड क्षेत्र के लोगों पर प्रताडऩा के आरोप लगाए हैं। इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। पुलिस ने खुद को फंसता देख मृतक की पत्नी के बयान दर्ज नहीं किए हैं। सुनील की पत्नी सुकन्या सोनी ने कहा है कि अगर उसे और उसके परिवार को न्याय नहीं मिला तो वह भी आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो जाएगी।
सटई रोड के श्रीराम कॉलोनी में रहने वाले सुनील सोनी का शव गुरुवार की रात फांसी पर लटका पाया गया था। घटना के पहले वह दिल्ली से लौटा था और पुलिस द्वारा प्रताडि़त किए जाने से परेशान था। दरअसल सुनील के नाबालिग बेटे अंशु सोनी को दीपक अग्निहोत्री हत्याकांड में पुलिस ने आरोपी बना लिया था, जबकि घटना वाले दिन वह अपने घर पर ही था। इसके बाद मजबूर उन्हें अपने बेटे को यहां से बाहर भेजना पड़ा था। तभी से लगातार सिविल लाइन पुलिस इस परिवार को प्रताडि़त कर अंशु की गिरफ्तारी के लिए दवाब डाल रही थी। सुनील सोनी की पत्नी सुकन्या सोनी ने बताया कि सिविल लाइन थाना पुलिस और टीआइ विनायक शुक्ला लगातार उनके घर आकर पूरे मोहल्ले के सामने बेईज्जत कर रहे थे। रात में कई बार घर पर आकर पूरे परिवार के साथ गाली-गलौच करके प्रताडि़त कर रहे थे। पूरे परिवार को झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी जा रही थी। सुकन्या के अनुसार राजनैतिक प्रभाव के चलते दीपक अग्निहोत्री हत्याकांड में पुलिस ने जबरन उनके बेटे का नाम दर्ज कर लिया था। जबकि खुद टीआइ का कहना था कि वे भी जानते हैं कि अंशु इस हत्याकांड में शामिल नहीं है, लेकिन वे फिर भी उसे आरोपी बनाएंगे। सुकन्या के अनुसार मोहल्ले के ही शिवहरे बंधु उनके परिवार से रंजिश रखते आ रहे हैं और पुलिस की मदद लेकर वे इतना परेशान कर रहे थे कि उनके पति को आत्महत्या करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
मौत के पहले सुनील ने कहा था कि अब बस कुछ बर्बाद हो गया :
सुकन्या ने बताया कि दिल्ली से लौटने के बाद पति उनके पास हताश होकर बैठ गए और कहने लगे कि हमारे दुश्मनों ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। पुलिस अब जीने नहीं दे रही है। सब कुछ तबाह हो गया है, अब कैसे जी पाएंगे। सुकन्या ने इस पर उसे समझाया तो वह शांत हो गए। इसके बाद सुकन्या सामान्य मानकर सोने के लिए बेटे को लेकर अंदर वाले कमरे में चली गई। इसी दौरान सुनील ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। रात में जब सुकन्या की आंख खुली और उसने बाहर वाले कमरे में निकलकर देखा तो सुनील का शव फांसी पर लटका था।
न्याय नहीं मिला तो दे दूंगी जान :
सुकन्या सोनी ने कहा है कि उनके निर्दोष बेटे को फंसाने वाले टीआइ विनायक शुक्ला और उनके परिवार को प्रताडि़त करने वाले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वह भी अपने पति की तरह आत्महत्या करके खुद को खत्म कर लेगी।
मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी :
- सुनील सोनी आत्महत्या का मामला मेरे संज्ञान में आया है। इस मामले में पीडि़त पक्ष को सुना जाएगा और उनकी शिकायत के अनुसार मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर कार्रवाई की जाएगी।
- तिलक सिंह, एसपी छतरपुर

 

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