निलंबित एसडीएम की जमानत अर्जी खारिज, पुष्पेन्द्र को राहत

एसडीएम दफ्तर में हमला का मामला

 

छतरपुर. विशेष न्यायाधीश एसएस परमार ने एसडीएम दफ्तर में हमला के मामले में मुख्य आरोपी निलंबित एसडीएम अनिल सपकाले की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। वहीं, पुष्पेन्द्र गौतम की जमानत मंजूर कर ली है। एडवोकेट वशिष्ठ नारायण ने बताया कि सपकाले की जमानत खारिज करते समय विशेष न्यायाधीश ने सपकाले के कृत्य पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इस कृत्य से जिला प्रशासन की छवि धूमिल हुई है। सपकाले को मुख्य आरोपी (साजिशकर्ता) मानते हुए न्यायाधीश ने साक्ष्य प्रभावित होने की आंशका जताते हुए जमानत देने से इंकार कर दिया। वहीं, सह आरोपी गौतम की जमानत पर आपत्ति नहीं आने व आपराधिक रिकॉर्ड न होने से जमानत मंजूर कर दी।
ये बोले आपत्तिकर्ता- निलंबित एसडीएम अनिल सपकाले के वकील प्रकाश बाबू पांडेय ने जमानत की अर्जी लगाई तो आपत्तिकर्ता अभय भदौरिया के वकील आशाराम त्रिपाठी व आपत्तिकर्ता ब्रम्हानंद चतुर्वेदी, जीतेन्द्र जैन ने राजपत्रित अधिकारी द्वारा साजिश रचकर अभय भदौरिया को फंसाने की बात कहते हुए जमानत देने पर आपत्ति जताई। वकील आशाराम त्रिपाठी ने कहा कि आरोपी सपकाले ने जावेद जैसे राजनीतिक पहुंच वाले व्यक्ति के साथ मिलकर साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया। ये सब अभय भदौरिया को फंसाने के लिए किया गया। इन्हें जमानत दी जाएगी तो वे साक्ष्यों को प्रभावित कर सकते हैं।
पुष्पेन्द्र को इसलिए मिली जमानत
पुष्पेन्द्र गौतम के वकील जेपी बसेडिय़ा ने विशेष न्यायाधीश के सामने तर्क रखा कि पुलिस की केस डायरी में इस बात का कोई सबूत नहीं है कि अभय भदौरिया व पुष्पेन्द्र के बीच पुरानी रंजिश है। वायस सैंपल की रिपोर्ट भी नहीं आई है। आवेदक का कोई अपराधिक रिकॉर्ड है न मुख्य साजिशकर्ता है। पुष्पेन्द्र की जमानत को लेकर कोई आपत्तिकर्ता भी नहीं था। इन सब कारणों से पुष्पेन्द्र को जमानत मिल गई। वहीं, आरोपी जावेद अख्तर की जमानत की अर्जी पर सुनवाई 17 फरवरी को होगी।

हामिद खान Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned