शिक्षक स्कूल से रहते हैं गायब, जानिए क्या करते हैं छात्र

शिक्षक स्कूल से रहते हैं गायब, जानिए क्या करते हैं छात्र
Teachers live from school, disappear, learn what do students

Hamid Khan | Publish: Feb, 03 2019 11:03:03 AM (IST) Chhatarpur, Chhatarpur, Madhya Pradesh, India

ग्रामीणों ने अधिकारियों से की शिकायत

 

बड़ामलहरा. स्कूल में पदस्थ्य शिक्षक निर्धारित समय के बाद उपस्थित देकर स्कूल से जल्दी रवानगी कर ताला डाल देते है, जबकि कुछ शिक्षक स्कूल को आरामगाह बनाए हुऐ हैं, वह बच्चों को पढानें की बजाय नींद में खोऐ रहते है। शिक्षकों की मनमानी से शिक्षण व्यवस्था पूरी तरह से चौपट है। यहां तक कि, 5वीं के छात्रों को अ, अनार का लिखना नहीं आता है। ग्राम डोंगरपुर के ग्रामीणों ने गांव में संचालित स्कूल की दास्तान लिखकर एसडीएम व शिक्षा विभाग के अधिकारियों को देकर जांच कराने की मांग उठाई है।
रामसिंह, साहब सिंह, राजेश सिंह, भानुप्रताप सिंह,रामपाल सिंह, सूरजसिंह, सरमन यादव, रामेश्वर यादव शाला समिति अध्यक्ष कमल सिंह व सरपंच खिल्लन यादव सहित अनेक ग्रामीणों ने एसडीएम राजीव समाधिया एवं जनपद शिक्षा अधिकारी हरिप्रसाद अहिरवार को एक लिखित आवेदन देते हुऐ बताया कि, गांव में करीब 16 सौ की आबादी है। ग्रामीण बच्चों का भविष्य गढने के लिए गांव में शासकीय प्राथमिक शाला मौजूद है। शाला में दर्ज 77 बच्चों के अध्यन कार्य हेतु 3 शिक्षक पदस्थ्य है। शिक्षकों की लापरवाही से नवनिहालों का भविष्य अधंकारमय हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि, स्कूल में अध्यनरत छात्र-छात्राओं का शिक्षण स्तर शून्य के बराबर है, यहाँ तक की कक्षा 5 वीं के बच्चें को अ, अनार लिखना भी नहीं आता। सहायक अध्यापक गीता लोधी विगत 4 वर्ष से शासकीय प्राथमिक शाला डोंगरपुर में पदस्थ्य है, ग्रामीणों का आरोप है कि, यह दोपहर 12 बजे शाला में उपस्थित होती है, यह बच्चों को पढानें की बजाय स्कूल में सो जाती है और दोपहर 2 बजे अपने गंत्व्य स्थान के लिये रवाना हो जाती है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से आवेदन लेकर मामले की जांच कराने का भरोसा दिया है।

इधर भी अनुपस्थित रहते हैं शिक्षक
नजदीक ही शासकीय प्राथमिक शाला डोंगरपुरखेरा स्थित है। शाला में 17 बच्चे दर्ज है इन्हें पढाने के लिये शिक्षक भगवानदास अहिरवार व महेंद्र सिंह ठाकुर को पदस्थ्य किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सहायक अध्यापक महेंद्र सिंह ठाकुर सप्ताह के अधिकांश दिनों कर्तव्य स्थल से नदारद रहते है। शाला में उपस्थित सहायक अध्यापक भगवानदास अहिरवार अकेले कक्षा 1 से 5 वी तक के बच्चों को पढाते है। ग्रामीण बताते है कि, अनुपस्थित शिक्षक के संबंध में कई मर्तवा शिक्षा विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया गया लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ।

बच्चों को मिल रहा स्वादहीन भोजन
बच्चों का पोषण स्तर सुधारने के लिये सरकार ने शासकीय प्राथमिक से लेकर माध्यमिक स्तर तक के बच्चों को स्कूल में मध्यान्ह भोजन व्यवस्था संचालित की है। समूह संचालक बच्चों की खुराक में कटौती कर अपने स्तर में सुधार रहे है। स्कूल में बच्चों को परोसे जाने वाले मध्यान्ह भोजन पर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाऐं है। ग्रामीण बताते है कि, शासकीय प्राथमिक शाला डोंगरपुर में लक्ष्मी स्वसहायता समूह द्वारा स्कूल में मध्याह्न भोजन तैयार नहीं किया जाता, बल्कि वह अपने घर से भोजन पकाकर लाया जाता है। बच्चों को मीनू से हटकर स्वादहीन भोजन परोसा जाता है।

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