28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

खजुराहो पन्ना रेल लाइन के लिए होंगे टेंडर, 150 करोड़ रुपए इस साल होंगे खर्च

आचार संहिता हटने से अब टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वन भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है, ऐसे में रेल लाइन निर्माण कार्य को रफ्तार मिलने की उम्मीद की जा रही है।

2 min read
Google source verification
kahjuraho

खजुराहो स्टेशन

छतरपुर. खजुराहो पन्ना रेल लाइन के लिए इस साल मिले 150 करोड़ के बजट से केन नदी के रेलवे ब्रिज व 20 किलोमीटर रेल लाइन के लिए टेंडर होंगे। आचार संहिता हटने से अब टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वन भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है, ऐसे में रेल लाइन निर्माण कार्य को रफ्तार मिलने की उम्मीद की जा रही है।

लगातार बढ़ रही लागत


खजुराहो से पन्ना रेल लाइन के लिए 2100 करोड़ रुपए खर्च करके रेलवे लाइन, स्टेशन और ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। खुजराहो से पन्ना तक 72 किलोमीटर रेल लाइन डाली जाएगी। हालांकि अब रिवाइज्ड रेट के अनुसार 3000 करोड़ रुपए लागत आने की संभावना है। इस रेल खंड में सबसे बड़ा पुल केन नदी पर बनहरी के पास बनाया जाना है। वहीं, बरखेड़ा, सूरजपुरा, सबदुआ, बालूपुर, अजयगढ़ और सिंहपुर में रेलवे स्टेशन बनाया जाएगा।

दो चरणों में होगा निर्माण


ट्रैक के पहले फेज में खजुराहो से सूरजपुरा तक रेलवे लाइन निर्माण का काम होगा। दूसरे चरण में सूरजपुरा से आगे वन भूमि में निर्माण किया जाना है। दूसरे चरण में बालूपुर के आगे और अजयगढ़ के 5 किमी पहले तक रेलवे लाइन का निर्माण किया जाएगा। इसी में केन नदी पर बनने वाले रेलवे ब्रिज का भी निर्माण भी होगा। यह इस प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा ब्रिज होगा।

वनभूमि हैंडओवर न होने से अटका रहा काम


खजुराहो से पन्ना के बीच रेलवे के 6 स्टेशन बनाए जाने हैं, जिसमें से छतरपुर जिले की सीमा में 20 किलोमीटर की दूरी में 2 स्टेशन बरखेड़ा, सूरजपुरा का निर्माण किया जाएगा। इसके बाद पन्ना जिले की सीमा में सबदुआ, बालूपुर, अजयगढ़ और सिंहपुर में रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे। पन्ना जिले में रेल लाइन के लिए वन विभाग से 309 हेक्टेयर जमीन राज्य शासन के जरिए रेलवे को हैंड ओवर करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में जाकर अटक गई थी। जिसके चलते दो साल की देरी हो गई। हालांकि अब इस समस्या का समाधान हो गया है।

2017 में मिली थी रेल लाइन को स्वीकृति


दरअसल, विंध्य क्षेत्र और बुंदेलखंड को जोडऩे के लिए 541 किमी लंबी ललितपुर-सिंगरौली रेलवे लाइन परियोजना को 1997 में मंजूरी दी गई थी। 2017 में खजुराहो से पन्ना के बीच रेल लाइन को स्वीकृति मिली और 2024 से पैसेंजर ट्रेन चलाने का लक्ष्य रखा गया, लेकिन शुरुआत के तीन साल तक बजट और फिर वन भूमि हस्तांतरण व वाइल्ड लाइन की एनओसी के चक्कर में खजुराहो से पन्ना के बीच रेललाइन निर्माण के लिए अभी तक वन विभाग की जमीन हैंडओवर नहीं हो पाई है।

इनका कहना है


अभी तक टेंडर नहीं हुए है। जिससे काम शुरू नहीं हुआ था। अब टेंडर होने पर काम शुरू किया जाएगा। केन नदी पर बनने वाला पुल इस सेक्शन का सबसे बड़ा पुल है।
महेन्द्र आर्य, सेक्शन इंजीनियर, रेलवे