एक साथ 60 लोगों का काटा वारंट, जानने के लिए पढ़े पूरी खबर

प्रतिबंधात्मक कार्रवाई

छतरपुर। कर्री गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब गांव के आधा सैकड़ा से अधिक लोगों को पेशी के नोटिस थमाए गए। ग्रामीण अपनी फरियाद लेकर सरपंच के पास पहुंचे तो वे भी हैरान हो गए क्योंकि कुछ देर बाद सरपंच को भी ज्ञात हुआ कि उसके नाम का नोटिस काटा गया है। प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की धाराओं के नोटिस से गांव के लोग बेहद परेशान हैं।
कर्री निवासी लल्लू विश्वकर्मा, मुकेश विश्वकर्मा, गौरिशंकर पटेल, कैलाश पटेल, उदयभान, हीरालाल, बल्लू, जुगराज, मुन्ना लाल, अखिलेश, रामचरण, गोविंद नारायण, प्रमोद, रवि सहित आधा सैकड़ा से अधिक लोगों को सीआरपीसी की धारा 107, 116 क तहत नोटिस दिए गए हैं। सिविल लाइन थाना पुलिस द्वारा कर्री के लोगों को थमाए गए नोटिसों से उनमें दहशत है। लोगों का कहना है कि न तो उन्होंने कोई अपराध किया और न ही उन पर कोई प्रकरण दर्ज है फिर भी उन्हें नोटिस मिला है। कई लोग तहसील गए और नोटिस की जानकारी ली। जानकारी नहीं मिली और अपनी जमानत कराकर घर आ गए।
यह है धारा 107, 116
अधिवक्ता लखन राजपूत बताते हैं कि शांति बनाए रखने के लिए पुलिस द्वारा इस तरह की कार्रवाई की जाती है। नोटिस के दौरान पुलिस को कारण भी बताने चाहिए। बाउंड ओवर की कार्रवाई इसलिए की जा रही है ताकि चुनाव में शांति बनी रहे। पुलिस को यह अनुमान लग जाए कि संबंधित व्यक्ति शांति भंग कर सकता है तो उसक खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करती है।
चुनाव के चलते गांव के कुछ लोगों को बाउंड ओवर किया गया है। शायद इसी के चलते उन्हें गिरफ्तारी वारंट भेजा गया होगा, लेकिन इस प्रकार की
कार्रवाई में लोगों को बेवजह परेशानी नहीं होनी चाहिए।
प्रेम सिंह चौहान, एडीएम

हामिद खान Desk
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