हड़ताल के कारण शहर में दो दिन से नहीं हुई सफाई

जगह-जगह लगे कचरे के ढेर, विवाद खत्म कराने थाने पहुंचे अधिकारी
पुलिस कार्यवाही के खिलाफ सफाईकर्मियों ने किया थाने का घेराव

By: Dharmendra Singh

Published: 23 Nov 2020, 08:04 PM IST

Chhatarpur, Chhatarpur, Madhya Pradesh, India

छतरपुर। जिला अस्पताल के सफाई कर्मचारियों की मांगों के बाद शुरू हुआ सफाई कर्मचारियों का धरना अब पूरे शहर की मुसीबत बन चुका है। हालांकि पिछले दो दिन से हड़ताल के कारण गंदे पड़े शहर की सफाई व्यवस्था मंगलवार से पटरी पर लौट सकती है। फिलहाल शहर के कई स्थानों पर कचरे के ढेर जमा हो गए हैं। सोमवार को सफाई कर्मचारी संगठन के नेता और उनके साथ लगभग 200 सफाई कर्मचारी सिविल लाइन थाने का घेराव करने पहुंच गए। उक्त सफाई कर्मचारी दो दिन पहले उनके खिलाफ की गई पुलिस कार्यवाही से नाराज थे।

क्या है मामला
जिला अस्पताल में सफाई कर्मचारियों एवं अस्पताल प्रबंधन के बीच कुछ मांगों को लेकर मतभेद उत्पन्न हुए थे। सफाई कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष आदित्य बाल्मीक के नेतृत्व में सफाईकर्मियों ने कुछ मांगों के साथ 17 नवंबर से जिला अस्पताल के सामने ही धरना शुरू कर दिया था। धरने के बाद जब अस्पताल में गंदगी बढऩे लगी तो सफाई ठेकेदार ने बाहर के सफाईकर्मियों को बुलाकर अस्पताल में सफाई शुरू कराई जिसके बाद हड़ताल पर मौजूद सफाई कर्मचारियों ने अस्पताल पहुंचकर बाहरी सफाईकर्मियों के साथ गुण्डागर्दी शुरू कर दी थी। मामला बिगड़ता देख मौके पर प्रशासनिक अधिकारी और भारी पुलिस बल पहुंचा था। इसके बाद हड़ताल पर मौजूद सफाईकर्मियों के खिलाफ कोविड 19 का उल्लंघन करने संबंधी प्रकरण दर्ज किया गया साथ ही 10 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। इतना ही नहीं छत्रसाल चौक पर लगे हड़ताली सफाईकर्मियों के पण्डाल को भी रविवार रात पुलिस ने हटवा दिया था।

गिरफ्तार साथियों को छुड़वाने थाने पहुंचे सफाईकर्मी
सिविल लाइन थाना पुलिस द्वारा हड़ताली सफाईकर्मियों के खिलाफ की गई कार्यवाही से नाराज सफाई कर्मचारी संगठन के नेता और लगभग 200 सफाई कर्मचारी सोमवार की सुबह सिविल लाइन थाने का घेराव करने पहुंच गए। मामले की जानकारी लगने के बाद एसपी सचिन शर्मा और एसडीएम बीबी गंगेले सहित भारी पुलिस बल भी यहां पहुंच गया। अधिकारियों ने सफाई कर्मचारियों से बैठकर बात की। उनकी मांगों को सुनकर पूरा करने का आश्वासन दिया साथ ही जिन सफाई कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया था उन्हें छोड़ा गया तब जाकर सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल से लौटने का आश्वासन दिया।

इधर शहर में लग गए कचरे के ढेर
17 नवंबर से 20 नवंबर तक जिला अस्पताल में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण अव्यवस्थाएं निर्मित हुईं और जब इन सफाई कर्मचारियों का विवाद बढ़ गया तो नगर पालिका के अधीन काम करने वाले शहर के अन्य सफाई कर्मचारी भी हड़ताल पर चले गए। 21 और 22 नवंबर को सफाई कर्मचारियों ने शहर की साफ-सफाई भी रोक दी जिसके कारण शहर के कई स्थानों पर कचरे के बड़े-बड़े ढेर लग गए। हालांकि सोमवार की दोपहर हुई बातचीत के बाद सफाई कर्मचारियों ने काम पर लौटने का भरोसा दिया है। संभव है कि मंगलवार से शहर की सफाई व्यवस्था पटरी पर लौट आए।

बजरंग सेना के कार्यकर्ताओं ने की अस्पताल में सफाई
जिला अस्पताल में बिगड़े हालातों में धीरे-धीरे सुधार शुरू हो गया है। सफाई ठेका चलाने वाली कंपनी ने बाहरी सफाईकर्मियों को बुलाकर अस्पताल में साफ-सफाई शुरू कराई तो वहीं बजरंग सेना के अध्यक्ष रणवीर पटैरिया सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी अस्पताल पहुंचकर साफ-सफाई में हाथ बटाया।

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