कमिश्नर बोले खुद को सुधारने से पहले जरूरी है खुद को समझना

कमिश्नर मनोहर दुबे ने नौगांव स्थित क्षेत्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज प्रशिक्षण केंद्र में मंगल ग्राम के सरपंच, सचिव, पटवारी, पंच व शिक्षकों के तीन दिवसीय आवासीय अल्पविराम प्रशिक्षण को संबोधित करते हुए यह बात कही

By: Unnat Pachauri

Published: 10 Mar 2019, 04:00 AM IST

छतरपुर। अल्पविराम खुद को सुधारने से पहले खुद को समझने का साधन है। क्योंकि व्यक्ति चाहता कुछ है और कहता कुछ है। यह अंतर खत्म होने पर ही उसके जीवन में आनंद बढ़ेगा। अल्पविराम इस दुविधा को समाप्त करने का कारगर कार्यक्रम है। सागर कमिश्नर मनोहर दुबे ने नौगांव स्थित क्षेत्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज प्रशिक्षण केंद्र में मंगल ग्राम के सरपंच, सचिव, पटवारी, पंच व शिक्षकों के तीन दिवसीय आवासीय अल्पविराम प्रशिक्षण को संबोधित करते हुए यह बात कही। कमिश्नर ने कहा कि मंगल ग्राम की अवधारणा कोई नई बात नहीं है, लोग इसमें स्वेच्छा से जुड़ें, यह काम कठिन जरूर है, पर सतत प्रयासों से इसे पूरा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लोग जितना अधिक खुद से जुड़ेंगे। खुद को समझेंगे, समाज उतना ही अच्छा होता जाएगा। उन्होंने बारी-बारी से सभी प्रतिभागियों से पूछा कि वह अपने जीवन में पैसा, पद व सुख तीनों में से एक कौन सी चीज पाना चाहते हैं। 96 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वह सुख पाना चाहते हैं, लेकिन हकीकत में अधिकांश लोग अपने जीवन में पैसा और पद के लिए काम करते हैं। एक वीडियो क्लिप को समझाते हुए कलेक्टर मोहित बुंदस ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के लिए सुख का अर्थ अलग-अलग हो सकता है। एक रसगुल्ला सुख प्रदान करता है, लेकिन लगातार कई रसगुल्ले खाने पड़े तो यह दुख का कारण ही बन जाता है। जिला पंचायत सीईओ हर्ष दीक्षित ने कहा कि उन्होंने अपने खुद के जीवन में अल्पविराम करके देखा है और इससे उन्हें आनंद का अनुभव हुआ है जब हम शांत समय लेकर अपनी अंतरात्मा से सवालों के जवाब लेने की कोशिश करते हैं। यह प्रक्रिया अत्यंत सुखद होती है। उन्होंने कहा कि छतरपुर जिले में मंगल ग्राम अपने लक्ष्य में सफल हों यह शुभकामनाएं हैं। तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभागियों को मास्टर ट्रेनर्स रमेश कुमार व्यास दमोह, बलबीर सिंह बुंदेला अशोकनगर, अनिल कुंबले कटनी, लखनलाल असाटी छतरपुर, प्रदीप सेन, अनिल सोनी, सुभाष अग्रवाल आदि ने अपने जीवन के अनुभवों के माध्यम से अल्पविराम का प्रशिक्षण दिया। प्रतिभागियों ने भी शांत समय लेकर अपने विचार साझा किए। मास्टर ट्रेनर लखनलाल असाटी ने तीन दिन से संचालित गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान एसडीएम स्वप्निल वानखेड़े और बीबी गंगेले भी मौजूद रहे।

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