कोरोना वारियर्स की मेहनत और लोगों की सावधानी लाने लगी रंग, दूसरी लहर का असर होने लगा कम

खाली होने लगे अस्पताल, जिला अस्पताल में ऑक्सीजन के 47, आईसीयू के 4 बिस्तर खाली
सबकी मेहनत ला रही रंग, संभाग में सबसे कम एक्टिव केस वाला जिला बना छतरपुर

By: Dharmendra Singh

Published: 17 May 2021, 09:47 PM IST

छतरपुर। लगभग एक महीने तक तबाही मचा चुका कोरोना वायरस का तूफान अब थमने लगा है। 15 अप्रेल से लगातार चल रहे कोरोना कफ्र्यू के कारण एक तरफ जहां संक्रमण की चैन तोडऩे में प्रशासन को कामयाबी मिली तो वहीं आम जनता द्वारा अपनायी गई सावधानियों के कारण जिले का पॉजिटिविटी रेट तेजी से घट रहा है। इतना ही नहीं इस महामारी से स्वस्थ होने वालों की संख्या भी बढ़ी है, जिसके कारण जिन अस्पतालों और कोविड सेंटर्स में मरीजों के लिए ऑक्सीजन वाले बिस्तरों और सामान्य बिस्तरों की कमी पड़ रही थी वहां अब बिस्तर खाली होने लगे हैं। छतरपुर जिले के सबसे बड़े अस्पताल में ऑक्सीजन वाले 85 में से 38 बिस्तर भरे हैं, जबकि 47 बिस्तर खाली हो चुके हैं। लंबे समय बाद गंभीर मरीजों के लिए बना 12 बिस्तरों का कोविड आईसीयू में 4 बेड खाली हैं। जिला अस्पताल में कोविड के लिए बनाए गए सामान्य 69 बिस्तरों में से 57 बिस्तर खाली हो चुके हैं।

10 कोविड सेंटर में 90 फीसदी बिस्तर खाली
जिला प्रशासन ने ब्लाक स्तर पर कोरोना मरीजों के उपचार के लिए लगभग 10 कोविड सेंटर बनाए थे, इनमें से 9 कोविड सेंटर्स में ऑक्सीजनयुक्त बेड भी मौजूद थे। इन सभी कोविड सेंटर्स में भी लगभग 80 से 90 फीसदी बिस्तर अब खाली हो चुके हैं। महोबा रोड छात्रावास के कोविड सेंटर में ऑक्सीजन के 10 बिस्तर थे जिनमें से 8 खाली हैं। यहां सामान्य मरीजों के लिए 70 बिस्तर थे जिनमें से 66 खाली हैं। लवकुशनगर में मौजूद ऑक्सीजन वाले 15 बिस्तरों में से 14 खाली हो चुके हैं। इसी तरह यहां के सभी सामान्य 35 बिस्तर खाली हैं। नौगांव के 11 ऑक्सीजन बिस्तरों में से 9 एवं सामान्य 69 बिस्तरों में से 67 बिस्तर खाली हो चुके हैं। ढड़ारी में 8 बिस्तरों के अस्पताल में 7 खाली हैं। बड़ामलहरा में ऑक्सीजनयुक्त 5 और सामान्य 45 बिस्तर खाली पड़े हैं। गौरिहार में ऑक्सीजन के 5 और सामान्य 95 बिस्तर खाली हैं। बक्स्वाहा में 12 ऑक्सीजन बिस्तरों में से 8 बिस्तर खाली हैं जबकि 23 सामान्य बिस्तर भी खाली हैं। खजुराहो में सभी 10 ऑक्सीजनयुक्त बेड खाली हैं जबकि 80 सामान्य बिस्तरों में से सिर्फ एक बिस्तर भरा है। बिजावर में 10 ऑक्सीजन बिस्तरों में से 7 खाली हैं तो वहीं 20 सामान्य बिस्तरों में से 17 खाली हैं। इसके साथ ही छतरपुर का गौरैया रोड छात्रावास में बनाया गया सामान्य 150 बिस्तरों का कोविड सेंटर भी पूरी तरह खाली हो चुका है।

संभाग में सबसे अच्छी स्थिति में छतरपुर जिला
कोरोना महामारी के कारण छतरपुर के साथ-साथ पूरे देश में मरीजों की बाढ़ आ गई थी। 15 अप्रेल से 30 अप्रेल तक हर जगह मौत का तांडव देखने को मिला। छतरपुर में भी कई बार ऑक्सीजन की कमी से हालात बिगड़े लेकिन इस चुनौतीपूर्ण समय में कोरोना योद्धाओं और कलेक्टर के सतत प्रयासों से स्थिति में जबर्दस्त सुधार हुआ है। कोरोना संक्रमण के रिकार्ड पर नजर डालें तो संभाग में छतरपुर की स्थिति सबसे बेहतर है। छतरपुर जिले में कोरोना के 380 एक्टिव केस बचे हैं, जबकि पन्ना में 750, दमोह में 1550, टीकमगढ़ में 1100 और सागर में 2000 एक्टिव केस मौजूद है।

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