Video : छतरपुर में सामने आया तीन तलाक का पहला मामला

एसपी के पास बच्चों के साथ फरियाद लेकर पहुंची महिला
तीन तलाक देकर छोड़ा, कोर्ट के आदेश के बाद भी पत्नी-बच्चों को नहीं दिया भरण पोषण भत्ता
न्याय न मिलने पर आत्मदाह की दी चेतावनी

By: Dharmendra Singh

Published: 19 Jan 2019, 09:00 AM IST

छतरपुर। मातवाना मोहल्ला की एक महिला को तीन तलाक देकर छोडऩे का मामला सामने आया है। महिला के पति न 3 साल पहले तीन तलाक बोलकर पत्नी और बच्चों को छोड़ दिया। इसके बाद तलाक का ये मामला कुटुंब न्यायालय पहुंचा, जहां न्यायालय ने तलाक के इस केस को अवैधानिक मानते हुए भरण पोषण भत्ता देने के आदेश भी दिया। लेकिन महिला का पति पिछले दस महीने से भत्ता की राशि नहीं दे रहा है। इतना ही नहीं महिला के पति ने दूसरी शादी भी कर ली है, जिसके बाद से वह पहली पत्नी को घर से बेदखल करने के लिए दबाव बना रहा है। इस मामले में मदद न मिलने पर तीन बेटियों और एक बेटे की मां आत्मदाह की चेतावनी दे रही है।

यह है पूरा मामला
मातवाना मोहल्ला निवासी सायरा बानों की 15 साल पहले अब्दुल रज्जाक के साथ शादी हुी थी, दोनों के चार संतान हैं, जिनमें तीन बेटियां 14, 9 और 6 साल उम्र व 12 साल का एक बेटा है। महिला का आरोप है, कि उसके पति ने तीन साल पहले तीन तलाक देखर उसे और उसके चारों बच्चों को छोड़ दिया था। पीडि़त महिला ने इस मामले में कुटुंब न्यालायय गई, जहां कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायधीश ने तलाक के इस केस को अवैधानिक मानते हुए महिला के पति को भरण-पोषण भत्ता 7हजार 200 रुपए प्रतिमाह देने का आदेश दिया। लेकिन पिछले 10 महीने से महिला का पति न तो भरण पोषण की राशि दे रहा है, न ही बच्चों की जिम्मेदारी उठा रहा है। बल्कि महिला जिस घर में रह रही है, उससे उसे निकालने के लिए दबाब बना रहा है। पीडि़त महिला का ये भी आरोप है कि उसके पति ने दूसरी शादी कर ली है और दूसरी महिला के साथ संपत्ति का बंटबारा करने के लिए कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर उसे घर से निकालने की साजिश की है। पीडि़च महिला ने इस मामले में कुछ पुलिस कर्मियों द्वारा घर खाली करवाने के लिए उस पर दबाव बनाने का आरोप भी लगाया है। शुक्रवार को महिला पूरे मामले की शिकायत करने पुलिस अधीक्षक से मिली।

हाजी ने भी ठहराया गलत
वहीं, इस मामले में समाज के हाजी ने एक साथ तीन तलाक को शरीयत के खिलाफ बताते हुए महिला के साथ गलत होने की बात कही है। हाजी शहजाद अली ने बताया कि पीडि़त महिला अपनी बात समाज में रखेगी तो समाज जरूर उसकी मदद करेगा। उन्होंने महिला को भरण पोषण भत्ता और महिला व उसके बच्चों को उनका हक दिलाने की बात भी कही है।
एसपी ने कार्रवाई के दिए निर्देश
पीडि़त महिला का आरोप है, कि वो मदद के लिए कई बार पुलिस के अधिकारियों के चक्कर लगा चुकी है, लेकिन किसी ने भी उसकी मदद नहीं की है। महिला ने नवागत एसपी तिलक सिंह से मामले की शिकायत की तो, उन्होंने परिवार परामर्श केन्द्र के प्रभारी को भरण-पोषण भत्ता दिलाने के निर्देश दिए हैं।

Dharmendra Singh
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