फिर रुका गेहूं परिवहन का काम, खुले में पड़ा 2 लाख क्विंटल अनाज

फिर रुका गेहूं परिवहन का काम, खुले में पड़ा 2 लाख क्विंटल अनाज

Neeraj Soni | Publish: May, 18 2019 07:00:00 AM (IST) Chhatarpur, Madhya Pradesh, India

- 12 लाख क्विंटल का परिवहन करने के बाद भी 5 करोड़ के भुगतान में से दिए गए मात्र 2 करोड़
- परिवहन का भुगतान समय पर नहीं होने के कारण ठेकेदारों ने गेहूं का परिवहन करने से किया मना

छतरपुर। जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के काम में बड़ा खेल किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ खरीदे गए गेहूं के परिवहन में भी घोर लापरवाही की जा रही है। इसके कारण लाखों क्विंटल अनाज खुले में पड़ा है। मौसम विपरीत होने की स्थिति में खुले में पड़ा अनाज अगर भीगता है और बर्बाद होता है तो स्थिति को समझा जा सकता है। गेहूं परिवहन करने वाले ठेकदारों को भुगतान समय पर नहीं होने के कारण वे भी गेहूं परिवहन में रुचि नहीं ले रहे हैं। शुक्रवार को सभी ठेकेदारों ने गेहूं का परिवहन करने से ही मना कर दिया है।
जिले में गेहूं खरीदी के लिए बनाए गए केंद्रों से गेहूं का परिवहन करने के लिए जिले में 6 सेक्टर बनाए गए हैं। जिले में अब तक करीब १८ हजार मीट्रिक टन अर्थात १८ लाख क्विंटल गेहूं की खरीदी हो चुकी है। इसमें से 12 लाख क्विंटल गेहूं का परिवहन किया जा चुका है। जबकि 4 लाख क्विंटल गेहूं गोदामों ही खरीदकर रखवा दिया गया है। जिले में गेहूं परिवहन के लिए 6 सेक्टर बनाए गए हैं। इन सेक्टरों से 6 ठेकेदार परिवहन कर रहे हैं। 12 लाख क्विंटल गेहंू का परिवहन करने के ठेकेदारों को इतना गेहूं परिवहन करने के एवज में महज २ करोड़ रुपए ही भुगतान किया गया है, जबकि भुगतान करीब ६ करोड़ रुपए होता है। ऐसे में करीब 4 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं होने के कारण ठेकेदार परेशान है। लिहाजा उन्होंने गेहूं का परिवहन करने से ही हाथ उठा लिए हैं। भुगतान नहीं होने तक वे आगे के माल का उठाव नहीं करेंगे। ऐसे में करीब 2 लाख क्विंटल गेहूं जिले के खरीदी केंद्रों पर खुले में पड़ा है। परिवहन कर्ताओं के बताया कि टेंडर की शर्तों में स्पष्ट रूप से इस बात का उल्लेख था कि परिवहन के बाद 7 दिन के अंदर पूरा हिसाब कर भुगतान किया जाएगा, लेकिन अब तक केवल दो बार ही भुगतान किया गया है।
घटिया खरीदी पकड़ी, गोदामों से लौटाए जा रहे हैं ट्रक :
जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी करके बड़ा खेल किया गया है। इधर अब गोदामों में गेहूं लेकर जा रहे परिवहन ठेकेदारों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बक्सवाहा सेक्टर में परिवहन का ठेका लेने वाले कमल कुमार जैन को 11 तारीख को 8 सोसायटियों का माल परिवहन करके हरपालपुर एफसीआई में जमा कराना था, लेकिन वे 3 ट्रक ही अब तक जमा कर पाए हैं। बाकी का माल उन्होंने बकस्वाहा में ही जमा कराया है। घटिया गेहूं खरीदी की जिले में यह स्थिति है। कि हरपालपुर एफसीआइ में अभी तक 101 एक ट्रक गेहूं जमा हुआ है। इसमें से २६ ट्रक गेहूं बिना जमा किए ही वापस भेज दिया गया है। क्योंकि गेहूं की गुणवत्ता बेहद खराब थी।
इनका कहना है :
- गेहूं परिवहन का भुगतान एनआइसी भोपाल से होना है। सभी ठेकेदारों को जल्द ही गेहूं के परिवहन का भुगतान किया जाएगा।
- रिंकी साहू, डीएम, मप्र नागरिक आपूर्ति निगम

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