गड्ढों में तब्दील सड़कें, कॉलोनियों में दलदल जैसे हालात

गड्ढों में तब्दील सड़कें, कॉलोनियों में दलदल जैसे हालात
Thick roads, colonies like swamps

Hamid Khan | Updated: 13 Jul 2019, 01:41:08 AM (IST) Chhatarpur, Chhatarpur, Madhya Pradesh, India

यातायात में परेशानी और दुर्घटना की बन रही वजह

 

छतरपुर. सड़कें ही किसी शहर की खूबसरती बयां करती हैं और सड़कें ही शहर को बदनाम भी करती हैं। बरसात के इस मौसम में शहर की प्रमुख सड़कों पर बने गड्ढे सभी के लिए मुसीबत बन गए हैं। राहगीर उसमें गिर कर हर दिन घायल हो रहे हैं। बारिश का पानी सड़क के गड्ढों में जमा होने के चलते राहगीरों को पता नहीं चल पाता कि सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं। इस वजह से बाइक गड्ढों में फंसने से लोग गिर रहे हैं। गिरकर घायल होने के साथ कई बार सड़क पर चलने वाले बड़े वाहनों के नीचे आते-आते बच रहे हैं। ये हालात ग्रामीण सड़क के नहीं बल्कि जिला मुख्यालय से निकलने वाले नेशनल हाइवे के हैं। शहर की अन्य सड़कों पर भी गड्ढों की भरमार है।
शहर से गुजरने वाले मुख्य मार्ग पर बस स्टैंड से लेकर पन्ना नाका तक जानलेवा गड्ढे हैं। पन्ना नाका पर पुलिस सहायता केन्द्र के सामने सड़क की दरारे और गड्ढे पिछले एक साल से परेशानी का सबब बने हुए हैं। इसके साथ ही छत्रसाल चौक के पास, वन विभाग के ऑफिस के पास, पंजाब नेशनल बैंक के सामने, एचडीएफसी बैंक के आगे इतने बढ़े गड्ढे हैं, कि चारपहिया वाहन बहक जा रहे हैं, वाहनों का नियंत्रण खोने से दुर्घटना हो रही है। इन गड्ढों में बाइक का पहिया पड़ गया तो गिरना और चोटिल होना तय है।

10 पर्ष पुरानी कॉलोनियों में भी नहीं है सड़क
जहां एक ओर मुख्य मार्ग की हालत अच्छी नहीं है। वहीं, दूसरी ओर शहर की आउटर की कॉलोनियों के हाल और भी खराब हैं। सागर रोड, पन्ना रोड की कई कॉलोनियों को वसाहट को दस साल हो गए हैं। लेकिन वहां आज भी सड़क नहीं है। इसी तरह देरी रोड की कई कॉलोनियों में बारिश का पानी कीचड़ बनकर मुसीबत का सबब बन रहा है। सागर रोड की महागणेश कॉलोनी की सड़क की ये हालत है, कि कीचड़-पानी के कारण लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है।
पॉश इलाके व अन्य क्षेत्रों में भी जर्जर सड़कें
शहर के पॉश इलाके और बाकी इलाकों के हालात में बहुत अंतर हैं। चौबे कॉलोनी, न्यू कॉलोनी, नंबर वन स्कूल के पीछे, नरसिंहगढ़ पुरवा, सिंचाई कॉलोनी, महागणेश कॉलोनी सहित कई कॉलोनियों में सड़क की व्यवस्था बेहतर हैं। जबकि इसी इलाके से लगी कॉलोनियों में सड़के उखड़ी या टूटी फूटी है। नालियां या तो है नहीं या इतनी टूटी हैं कि सड़क से ही पानी की निकासी हो रही है। बाजार का मुख्य मार्ग ठीक है, लेकिन उससे लगी कॉलोनियों में सीसी रोड उखड़ी है। पाइप लाइन डालने के लिए सीसी रोड़ उखाड़ी गई, लेकिन सुधारा नहीं गया, जिससे बारिश में मुसीबत बढ़ गई है। संकट मोचन, पुरानी गल्ला मंडी के बाहर, महोबा रोड की कॉलोनियों, पठापुर रोड की नई बसाहट, विश्वनाथ कॉलोनी के पास की बसाहट, सटई रोड पर नई गल्ला मंडी के पास की बसाहट, ऐसे कई क्षेत्र हैं, जहां सड़क की सुविधा ही नहीं है। बारिश के दिनों में इन इलाकों में रहने वाले लोगों की हालत दुर्गम और पहुंच विहीन ग्रामीण इलाके जैसी है।

शहर की सड़कों के लिए ये जिम्मेदार
शहर से गुजरने वाले एनएच के अलावा सभी सड़कों और कॉलोनियों की सड़कों के निर्माण और रखरखाव का जिम्मा नगर पालिका का है। लेकिन नगर पालिका ने किसी भी सड़क की मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया है। आउटर की कॉलोनियों में सड़कें नहीं है, जिसको लेकर रहवासी प्रदर्शन तक कर रहे हैं।
रखरखाव पर नहीं ध्यान
शहर के बीच से गुजरने वाले नेशनल हाइवे के निर्माण व रखरखाव का जिम्मा नेशनल हाइवे के पास था। लेकिन देवरीबंधा से बमीठा तक फोरलेन निर्माण का जिम्मा नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को मिलने के साथ ही नेशनल हाइवे क्रमांक 75 के रखरखाव का जिम्मा भी एनएच से एएचएआइ को मिल गया है। एनएचएआइ फोरलेन निर्माण के कार्य को तो कर रहा है, लेकिन शहर के अंदर सड़क के रखरखाव की ओर ध्यान नहीं है।
नपा अध्यक्ष पहुंचीं
सड़क की मांग को लेकर महागणेश कॉलोनी की महिलाएं गुरुवार को नगर पालिका अध्यक्ष अर्चना सिंह के पास पहुंची तो, उन्होंने शुक्रवार को खुद कॉलोनी में आकर निरीक्षण की बात कही। शुक्रवार को शाम 5.30 बजे नगर पालिका अध्यक्ष कॉलोनी पहुंची और मौके का निरीक्षण कर नपा के अधिकारियों को जल्द ही समस्या के समाधान करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही कॉलोनी में पौधरोपण
कराने की बात भी कही।

....तो जान चली जाती
&गुरुवार की रात आठ जवाहर रोड से गुजरते समय बाइक गड्ढा में गई जिससे वैलेंस ऐसा बिगड़ा कि, गिर गए। गनीमत ये रही कि, हेलमेट पहने थे, इसलिए जान बच गई।
अनंत शर्मा, शहरवासी
&बसारी दरवाजा इलाके समेत शहर के ज्यादतार क्षेत्रों में डामर रोड उखडऩे से जानलेवा गड्ढे हैं। कॉलोनियों में सीसी रोड पहले से ही पाइपलाइन के लिए उखाड़ दी थीं।
सोनू विश्वकर्मा, शहरवासी
&सड़क पर चलते-चलते गहरे गड्ढे आ जाते हैं। जो सड़क आज ठीक है, कल वहां गहरा गड्ढा हो जाता है, मुरम भर कर औपचारिकता
कर दी जाती है।
मानस तिवारी, शहरवासी
&शहर के मुख्य मार्ग पर ही सबसे ज्यादा जानलेवा गड्ढे हैं। नेशनल हाइवे दो से तीन फीट का गड्ढा होने से वाहन गिरकर अनियंत्रित होते और लोग घायल हो जाते हैं।
रोहित तिवारी, शहरवासी

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