8 गांव के 40 युवा ले रहे पंचगनी में यह प्रशिक्षण

बदलेंगे गांव की रुपरेखा

छतरपुर. महाराष्ट्र में पंचगनी स्थित ग्राम परी में छतरपुर जिले के मंगलग्राम सहयोगियों को संबोधित करते हुए संचालक नगर एवं ग्राम निवेश एवं छतरपुर कलेक्टर रहे राहुल जैन ने कहा कि मंगलग्राम की परिकल्पना से जुड़े सहयोगी जिले के चेंजमेकर बनेंगे। 5 दिवसीय अल्पविराम प्रशिक्षण का शुभारंभ करते हुए राहुल जैन ने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि छतरपुर जिले का मंगलग्राम प्रोजेक्ट पूरे प्रदेश के लिए उदाहरण बनेगा। अल्पविराम कार्यक्रम में छतरपुर जिले की पूरे प्रदेश में पहचान है। उनकी पत्नी दीपाली जैन ने भी सत्र को संबोधित किया। इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण संस्थान की डायरेक्टर जयश्री राव भी उपस्थित थीं।
मास्टर ट्रेनर लखनलाल असाटी ने बताया कि छतरपुर जिले के 8 गांवों के 40 मंगलग्राम सहयोगी इन दिनों पंचगनी में पांच दिवसीय अल्पविराम प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। राहुल जैन भी पंचगनी प्रशिक्षण लेने पहुंचे थे। छतरपुर के प्रतिभागियों को अपने बीच पाकर उन्होंने अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि कलेक्टर के रूप में छतरपुर जिले में उनका पहला कार्यकाल उनके लिए स्मरणीय है। उन्होंने ग्रामीणों को छतरपुर जिले के अपने अनुभव भी साझा किए। ग्राम परी उन कुछ गांव में से एक है जहां ग्रामीणों ने अल्पविराम को अपने जीवन में अपनाकर पहले खुद में और बाद में पूरे गांव में सकारात्मक बदलाव लाया है। मंगलग्राम सहयोगी प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद छतरपुर जिले में अल्पविराम का अभ्यास और प्रसार करेंगे। राज्य आनंद संस्थान के स्टेट कोऑर्डिनेटर हिमांशु भारत, आनंदम् सहयोगी प्रदीप सेन एवं चन्द्रभान रावत विशेष रूप से पंचगनी में उपस्थित हैं। मंगलग्राम सहयोगियों में से एक बंधीकला के मुकेश अहिरवार दोनों पैरों से दिव्यांग होने के बावजूद अपनी ट्राइसिकिल के साथ बस द्वारा पंचगनी पहुंचे हैं। एक अन्य मंगलग्राम सहयोगी भी एक पैर से दिव्यांग हैं।

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हामिद खान Desk
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