तलैया के पास खेल रहे एक ही परिवार के तीन बच्चे डूबे

भाई और दो बहनों की मौत से गांव में मातम
गढ़ीमलहरा थाना इलाके के उर्दमऊ गांव की घटना

By: Dharmendra Singh

Updated: 10 Jan 2021, 08:32 PM IST

छतरपुर। रविवार को गढ़ीमलहरा थाना क्षेत्र के ग्राम उर्दमऊ में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां गांव के पास की तलैया के नजदीक रहने वाले वंशकार परिवार के चार बच्चों में से तीन बच्चे पास में ही मौजूद एक तलैया में डूब गए। इस हादसे में तीनों बच्चों की मौत हो गई। एक ही परिवार के तीन बच्चों की मौत से गांव में मातम पसरा है। वहीं, देर शाम तक शवों का पोस्टमॉर्टम कराकर गांव के ही मुक्तिधाम में दफनाया गया।

खेलते समय फिसलकर गिरे तलैया में
उर्दमऊ निवासी धर्मेन्द्र वंशकार की 6 वर्षीय बेटी अनन्या, 2 वर्षीय पुत्री नैना और 4 साल का बेटा साहिल घर के समीप मौजूद लगभग 7 फीट गहरी एक तलैया के पास खेल रहे थे। खेलते-खेलते वे तलैया के मुहाने तक पहुंच गए और यहां मौजूद मिट्टी की फिसलन से तीनों बच्चे 7 फीट गहरी तलैया में गिरे और डूब गए। जब माता-पिता बच्चों को खोजते हुए यहां पहुंचे तब तक उनकी जान जा चुकी थी। परिवार के चीखने के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बच्चों के शव को तलैया से बाहर निकाला गया। जानकारी लगने पर महाराजपुर तहसीलदार और गढ़ीमलहरा पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पीएम कराते हुए परिजनों को सौंप दिया। एक साथ एक ही परिवार के तीन बच्चों की मौत से गांव में मातम छाया हुआ है।

एक घंटे की तलाश के बाद मिला बेटे का शव
उर्दमऊ का धर्मेंद्र वंशकार और उसकी पत्नी सुषमा गांव के खिरी रोड स्थित राम तलैया के पास परिवार सहित रहते हैं। रविवार की सुबह 9 बजे धर्मेंद्र वंशकार की 7 वर्षीय बेटी अनन्या वंशकार, 4 वर्षीय बेटा साहिल और 3 वर्षीय बेटी नैना वंशकार घर के बाहर खेल रहे थे। जब काफी समय तक तीनों बच्चे घर पर खाना खाने नहीं पहुंचे तो परिजनों सहित गांव में लोगों ने इन बच्चों की तलाश शुरू की। दोपहर 2 बजे करीब 7 वर्षीय अनन्या और 3 वर्षीय नैना का शव घर के पास की तलैया में उतराता हुआ दिखा। तो घटना की जानकारी हुई, लेकिन 4 वर्षीय साहिल का कुछ पता नहीं चल रहा था। घटना की जानकारी ग्रामीणों ने प्रशासन को दी। प्रशासन के पहुंचने के पहले ही ग्रामीणों ने दोनों बच्चियों के शव पानी से बाहर निकाल लिए। इसके बाद एक घंटे तक पुलिस व ग्रामीण तलैया में तलाश करते रहे, तब जाकर 4 वर्षीय साहिल का शव मिला।

तलैया की फिसलन बनी मौत का कारण
गांव के लोगों ने बताया कि तलैया की मिट्टी में फिसलन की समस्या है। कई लोग तलैया के पास फिसलकर गिर चुके हैं। यही फिसलन बच्चों की मौत का कारण बन गई। खलेते समय बच्चे अज्ञानता में तलैया के नजदीक चले गए, जहां उनके पैर फिसलन वाली मिट्टी में पड़ गए, जिससे वे तीनों एक-एक कर तलैया में गिरे। तलैया में करीब सात फीट पानी होने से बच्चे डूबने लगे, लेकिन आसपास कोई न होने से उनकी मदद नहीं हो सकी और कुछ ही क्षणों में तीनों बच्चों ने दम तोड़ दिया।

नहीं जले घरों के चूल्हे
गांव के लोगों ने बताया कि एक साथ दो बहनों व भाई की मौत की जानकारी लगते ही गांव में मातम पसर गया है। हद्य विदारक घटना से लोग स्तब्ध हैं। गांव के अधिकांश घरों में रविवार की शाम चूल्हा नहीं जला। लोग वंशकार परिवार के गम में शरीक हुए।
धर्मेन्द्र वंशकार की चार संतान हैं, जिसमें से तीन बच्चों की हद्यविदारक घटना में मौत हो गई। अब परिवार में कुछ महीने का बेटा ही बचा है। घटना में एक साथ तीन बच्चों की मौत के बाद से ही मां की हालत बिगड़ गई है। वहीं पिता भी सदमे में है। स्थानीय लोगों ने बताया कि घटना की जानकारी होते ही माता पिता को बडा आघात पहुंचा है और वह बार-बार बेहाश हो रहे हैं।

स्थानीय मुक्तिधाम में दफनाया
तीनों बच्चों के शव पानी से निकालने के बाद पुलिस ने पंचनामा तैयार कर महाराजपुर अस्पताल पहुंचाए। वहां के ड्यूटी डॉक्टर ने तीनों मृतकों का पीएम कर शव परिजनों को सौंप दिए। उसके बाद परिजनों ने स्थानीय मुक्तिधाम में तीनों शव को दफना दिया। थाना प्रभारी रवि उपाध्याय ने बताया कि परिजनों के बयानों के आधार पर पानी में डूबने से बच्चों की मौत का मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।

Dharmendra Singh
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