सप्ताह में तीन दिन नेशनल हाइवे के किनारे लगे रहे सब्जी बाजार, ट्रैफिक जाम की बन रहे वजह

रविवार, गुरुवार और शुक्रवार को हाइवे किनारे लगता है साप्ताहिक सब्जी बाजार
शुक्रवार और गुरुवार बाजार के लिए नहीं है कोई आरक्षित जगह

By: Dharmendra Singh

Published: 07 Jan 2019, 03:46 PM IST


छतरपुर। नेशनल हाइवे पर सप्ताह में तीन बार, रविवार, गुरुवार और शुक्रवार को साप्ताहिक सब्जी बाजार लगता है। रविवार को साप्ताहिक बाजार के लिए मेला ग्राउंड में जगह निर्धारित हैं, लेकिन मेला ग्राउंड के अलावा छत्रसाल चौक से लेकर आकाशवाणी तिराहा तक नेशनल हाइवे के किनारे ही सब्जी की दुकानें सुबह से ही सज जाती है। सड़क किनारे सब्जी की दुकानें और खरीददारी के लिए आने वाले लोगों के वाहन भी सड़क पर ही पार्क होने से दिनभर जाम की स्थिति रहती है। ये हालात तब हैं, जब रविवार को साप्ताहिक अवकाश का दिन है। बाजार इलाके में वाहन पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में लोग अपने वाहन सड़क के दोनों किनारों पर खड़े कर देते हैं। इससे हादसे का भय हर बन रहता है। ऐसी ही स्थिति रविवार को भी रही। इसके चलते दिनभर हाइवे पर जाम के हालात बने, लेकिन जिम्मेदारों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। ऐसा ही हाल शुक्रवार के साप्ताहिक बाजार के दिन भी रहता है। नेशनल हाइवे के किनारे पन्ना नाका से पुलिस लाइन रोड और गल्र्स कॉलेज के सामने सब्जी बाजार लगता है। ठीक यही हालात गुरुवार को महोबा रोड पर लगने वाले साप्ताहिक बाजार के दिन भी होता है। महोबा रोड पर गुरुद्वारा के पास से लेकर मारुती शोरुम तक सड़क के किनारे ही सब्जी बाजार लगता है। इसी दौरान यहां से भारी, मध्यम वाहनों को आना जाना भी होता है, जिससे जाम और दुर्घटना के हालात बन जाते हैं।
गुरुवार और शुक्रवार को पूरा बाजार सड़क पर
रविवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार के लिए मेला ग्राउंड में जगह आरक्षित है, लेकिन गुरुवार और शुक्रवार को तो नेशनल हाइवे के किनारे ही पूरा बाजार लगता है। इन दोनों दिन बाजार के लिए कोई मैदान नहीं होने से सड़क पर ही बाजार और पार्किंग होती है। गुरुवार और शुक्रवार को वर्किंग डे होने के कारण यातायात का दवाब भी ज्यादा होता है। शुक्रवार का बाजार पहले डेरा पहाड़ी के मैदान में लगता था, जो धीरे-धीरे पुलिस लाइन रोड और पन्ना रोड पर शिफ्ट हो गया। अब पूरा बाजार ही सड़क पर लगने लगता है। वहीं महोबा रोड पर लगने वाला गुरुवार का साप्ताहिक बाजार पहले छोटे पैमाने पर लगता रहा, लेकिन जैसे-जैसे आबादी बढ़ी बाजार बढ़ता गया और अब हालात ये हैं कि, महोबा रोड पर गुरुवार को लगने वाला साप्ताहिक बाजार बड़े स्वरुप में लगने लगा है। गुरुवार या शुक्रवार दोनों बाजार के दिन सड़क पर दुकानें लगने से इन इलाकों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। लोग परेशानी से बचने के लिए लंबे रास्ते से गुजरते हैं, लेकिन बाजार की सड़कों पर जाने से बचते हैं, लेकिन बाजार के आसपास जाने वाले या बाजार जाने वाले लोगों को इस समस्या का सामना करना ही पड़ता है। बाजार के दिन , पन्ना नाका और महोबा रोड से गुजरना एक बड़ी मुसीबत का सामना करने जैसा है।
पार्किंग की भी नहीं है व्यवस्था
रविवार को शहर में लगने वाले साप्ताहिक बाजार में शहर भर के लोग खरीददारी करने आते हैं। रविवार का दिन होने के कारण शहर में अन्य दिनों में लगने वाले साप्ताहिक बाजार के बजाए रविवार को ज्यादा भीड़ उमड़ती है। रविवार बाजार की पारंपरिक जगह मेला ग्राउंड में ट्रेड फेयर और इसी तरह के अन्य आयोजनों के चलते जगह कम हो जाने से सब्जी दुकानदार मेला ग्राउंड से बाहर निकलकर नेशनल हाइवे पर दुकानें लगा लेते हैं। पहले ये दुकानें सड़क के एक तरफ लगती थी, जो अब दोनों ओर लगने लगी हैं। इतने बड़ साप्ताहिक बाजार में आने वाले ग्राहकों के वाहनों की पार्किंक की व्यवस्था न होने से इनके वाहन भी सड़क के किनारे ही पार्क होते हैं, जिससे समस्या और भी बढ़ जाती है। नेशनल हाइवे होने से इसी मार्ग से भारी माहवाहक और यात्री बसें भी गुजरती हैं, सड़क पर दुकाने और पार्किंग के बीच भारी वाहन गुजरने से बाजार के पूरे दिन जाम लगता है।
ये कहना है लोगों का
जिला मुख्यालय पर यूं तो हर दिन किसी न किसी इलाके में साप्ताहिक सब्जी बाजार लगता है, लेकिन रविवार, गुरुवार और शुक्रवार के दिन ये सब्जी बाजार नेशनल हाइवे के किनारे ही लगते हैं, जिससे परेशानी ज्यादा हो जाती है। सड़क पर भारी व मध्यम वाहनों के आवागमन के बीच सब्जी बाजार न केवल जाम बल्कि दुर्घटना की वजह भी बन जाते हैं। सागर रोड निवासी राहुल चौबे का कहना है कि, रविवार का बाजार सड़क किनारे लगने से रविवार को छत्रसाल चौक, बिजावर नाका, आकाशवाणी तिराहा इलाके में आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं महोबा रोड के टौरिया मोहल्ला निवासी प्रिंस साहू का कहना है, कि गुरुवार को महोबा रोड पर सब्जी की दुकाने लगने से वहां गुजरते समय सावधानी रखने के वाबजूद वाहन किसी न किसी से टच हो ही जाता है, जिससे विवाद की स्थिति बन जाती है। पन्ना रोड निवासी धर्मेन्द्र तिवारी का कहना है कि, शुक्रवार को साप्ताहिक बाजार सड़क पर लगने से दिन भर ट्रैफिक जाम लगता है।

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