आदिवासी महिला सरपंच पर दबंगों का कहर, नहीं लिखी थाने में रिपोर्ट

आदिवासी महिला सरपंच पर दबंगों का कहर, नहीं लिखी थाने में रिपोर्ट

Rafi Ahamad Siddiqui | Publish: Sep, 16 2018 12:15:30 PM (IST) | Updated: Sep, 16 2018 12:15:31 PM (IST) Chhatarpur, Madhya Pradesh, India

पांच दिन से लपता है बेटा, महिला सरपंच व उसकी पुत्री व बहू से की थी मारपीट

छतरपुर। नौगांव जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत टीला गांव में एसडीएम द्वारा जब्त की गई अवैध रेत के भंडारण के पिटपास न एक महिला आदिवासी सरपंच को भारी पड़ गया। दबंगों ने महिला अदिवासी सरपंच के परिवार को जमकर पीटा। इसके बाद उसके पुत्र को उठा ले गए। महिला आदिवासी सरपंच शनिवार को एसपी कार्यालय पहुंच कर अपने साथ हुई घटना से अवगत कराते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की है।
महिलाओं को पुरुषों के सामान अधिकार दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। महिलाओं को आगे लाने के लिए हर क्षेत्र में बढ़ावा भी दिया जा रहा है लेकिन बुंदेलखंड की महिलाएं आज भी दबंगों और रसूखदारों का कहर झेल रही हैं। कहने के लिए तो महिलाओं को ग्राम पंचायतों में सरपंच बना दिया गया लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी महिलाएं घूंघट में छिपकर रसूखदारों का कहर झेल रही हैं। ऐसा ही एक मामला जनपद पंचायत नौगांव के ग्राम पंचायत टीला में देखने को मिला। जहां पर ग्राम टीला की आदिवासी महिला सरपंच लली आदिवासी के साथ दबंगों द्वारा छेड़छाड़ करते हुए उसके साथ मारपीट की गई। इतना ही नहीं दबंगों ने आदिवासी महिला सरपंच की बेटी व बहू व बेटे से भी मारपीट की। इसके बाद गांव के दबंग महिला सरपंच के बेटे को उठा ले गए। महिला सरपंच ने इसकी सूचना अलीपुरा थाने में दी लेकिन आदिवासी महिला सरपंच की पुलिस ने भी नहीं सुनी। महिला चीख-चीखकर अपनी अपने बेटी, बहू पर गुजरे अत्याचार की हकीकत पुलिस को बताती रही लेकिन पुलिस आदिवासी महिला की बात सुनने को तैयार नहीं है। महिला सरपंच ने बताया कि दस सितंबर २०१८ को रात दस बजे गांव के ही सुरेश यादव, भूरे यादव व दिनेश यादव जबरन उसके घर में घुस गए। दबंगों द्वारा पहले मेरे साथ छेड़छाड़ की गई। फिर मारपीट शुरू कर दी गई। वहीं मेरे बेटे हरकिशन को भी मारापीटा। कालीचरण, अमर सिंह, व मैयादीन यादव कट्टा अड़ा कर मेरे पुत्र को उठा ले गए। मारपीट का विरोध करने पर मेरी पुत्री व बहू के साथ भी मारपीट की गई। जिसकी जानकारी अलीपुरा थाने में दी गई लेकिन थाना प्रभारी द्वारा कोई कार्रवाई करने के बजाए उल्टा मुझे ही थाने से भगा दिया गया। आदिवासी महिला सरपंच का बेटा पांच दिन से लपता है। महिला सरपंच उसकी बेटी व उसकी बहू का रो-रोकर बुरा हाल है। हर रोज थाने के चक्कर काटने के बाद भी थाना प्रभारी द्वारा रिपोर्ट नहीं लिखी गई। महिला सरपंच शनिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची। जहां पर महिला ने एएसपी जयराज कुबेर को ज्ञापन सौंप कर कार्रवाई की मांग की। महिला सरपंच ने एएसपी से कहा कि उसका बेटा पांच दिन से गायब है। गांव के दबंग उसे अपने साथ उठा ले गए हैं। तब से अब तक उसका कोई पता नहीं है। दबंगों ने उसके साथ क्या किया ये भी पता नहीं है। वह जिंदा है या दबंगों ने उसे मार दिया। महिला सरंपच ने बताया कि आलीपुरा थाने में उसकी शिकायत नहीं सुनी गई। इसलिए वह पुलिस अधीक्षक कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों को अपनी फरियाद सुनाने आई है।

रेत को लेकर हुआ विवाद
महिला सरपंच ने बताया कि पिछले दिनों कलेक्टर रमेश भंडारी के निर्देशन में एसडीएम नौगांव द्वारा अवैध रेत भंडारण पर कार्रवाई की गई थी। इस दौरान टीला में भारी मात्रा में रखी अवैध रेत को जब्त किया गया था। गांव के दबंग इस रेत को उठाना चाहते थे। जिसके लिए मेरे ऊपर पंचायत के पिटपास देने का दवाब बनाया जा रहा था। जब मेने जब्त रेत उठाने से मना किया तो दबंगों ने गुस्से में आकर मेरे व मेरे परिवार के साथ मारपीट कर दी।

एसपी ऑफिस दूसरी बार आई शिकायत सुनाने महिला
टीला की आदिवासी सरपंच लली आदिवासी की आलीपुरा थाने में जब नहीं सुनी गई तो वह पुलिस अधीक्षक कार्यालय भी आई थी। उसके द्वारा पुलिस अधीक्षक के नाम ११ सितंबर २०१८ को कार्रवाई के लिए ज्ञापन दिया गया था। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से आश्वासन मिलने के बाद वह फिर से वापस लौट गई। थाने में जाने के बाद थाना प्रभारी द्वारा उससे भगा दिया गया। अब महिला सरपंच दूसरी बार पुलिस अधीक्षक कार्यालय आई और एएसपी को फिर से आवेदन दिया।

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