छतरपुर विधायक की दो कंपनियों पर अवैध उत्खनन पर सात करोड़ से ज्यादा का लगाया जुर्माना

वर्ष 2020 में घूरा और बूदौर पत्थर खदान की जांच में मिली अनियमितताएं
प्रकरण की सुनवाई के बाद कलेक्टर ने दोनों कंपनियों पर लगाया तीस गुना जुर्माना

By: Dharmendra Singh

Updated: 11 Apr 2021, 10:20 PM IST

छतरपुर। विधायक आलोक चतुर्वेदी की साझेदारी वाली दो कंपनियों पर पत्थर का अवैध उत्खनन करने पर सात करोड़ रुपए से ज्यादा का जुर्माना लगाया गया है। वर्ष 2020 में राजनगर तहसील के घूरा गांव में और छतरपुर तहसील के बूदौर गांव में खनिज, राजस्व की टीम की छापेमारी में पत्थर खदान में स्वीकृति सीमा से अधिक उत्खनन पाया गया। खनिज विभाग ने अवैध उत्खनन का प्रकरण दर्ज किया, जिस पर सुनवाई के बाद कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने दोनों कंपनियों पर सात करोड़ रुपए से अधिक का जुर्माना लगाया है। वहीं, इस मामले में विधायक आलोक चतुर्वेदी का आरोप है कि राजनीति द्वेषवश कार्रवाई की गई है। खदान में उत्खनन की जांच सहीं नहीं की गई, न नियम का पालन किया गया।

बूदौर में खजुराहो मिनरल्स पर 5.83 करोड़ का जुर्माना
31 अक्टूबर 2020 में खनिज व राजस्व की टीम ने ग्राम बूदौर में खजुराहो मिनरल्स कंपनी के नाम स्वीकृत पत्थर खदान का टोटल सर्वे मशीन की सहायता से किया गया। जिसमें पाया गया कि खसरा नंबर 1259 में लीज के लिए स्वीकृति रकवा 4 हेक्टेयर के अलावा 0.180 हेक्टेयर में अवैध उत्खनन किया गया है। गड्ढे की गहराई 9 मीटर पाई गई,जिस पर रायल्टी राशि 19 लाख 44 हजार रुपए का तीस गुना राशि 4 करोड़ 86 लाख रुपए का जुर्माना लगाने का प्रकरण कलेक्टर के पसा चला। खजुराहो मिनरल्स कंपनी ने अपने जवाब में बताया कि रास्ता बनाने के लिए खुदाई की गई। इसके अलावा कोई विकल्प नहीं था। जवाब में ये भी कहा गया कि राजनीतिक विद्वेषवश कार्रवाई की गई है। कलेक्टर ने कंपनी का पक्ष सुनने के बाद अवैध उत्खनन पर 4 करोड़ 83 लाख का जुर्माना लगाया है।

घूरा में खजुराहो स्टोन्स पर 1.44 करोड़ का जुर्माना
विधायक की साझेदारी कंपनी खजुराहो स्टोन्स इंडिया प्राइवेट लिमटेड पर भी कलेक्टर ने 1.44 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। 30 अक्टूबर 2020 को राजनगर तहसील के ग्राम घूरा में खनिज, राजस्व की टीम ने खजुराहो स्टोन्स इंडिया प्राइवेट लिमटेड को स्वीकृति 4 हेक्टेयर खदान की जांच की तो मौके पर स्वीकृति क्षेत्र से बाहर 0.016 हेक्टेयर में अवैध उत्खनन पाया गया। 4 हजार घनमीटर पत्थ का अवैध उत्खनन करने का प्रकरण दर्ज किया गया, जिस पर सुनवाई के बाद कलेक्टर ने 4 हजार घन मीटर की रायल्टी राशि 4 लाख 80 हजार रुपए का तीस गुना 1 करोड़ 44 लाख रुपए का अर्थदंड लगाया है।

विधायक बोले- राजनीतिक विद्वेषवश कार्रवाई
साझेदारी फर्म वाली कंपनियों पर जुर्माना की कार्रवाई पर विधायक आलोक चतुर्वेदी का कहना है कि दोनों कंपनियां उनके परिजनों की हैं, जिन पर राजनीतिक विद्वेषवश कार्रवाई की गई है। वहीं, इस संबंध में दोनों कंपनियों के वकील रजनीश मिश्रा का कहना है कि कलेक्टर के आदेश के खिलाफ अन्य न्यायालय में अपील की जाएगी और दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। यह कार्यवाही राजनीतिक प्रेशर में दोनों फर्माे पर कलेक्टर के द्वारा की गई है। गौरतलब है कि बड़ामलहरा विधानसभा उपचुनाव के समय खनिजव राजस्व विभाग की टीम ने विधायक की कंपनियों के उत्खनन की जांच की थी। जिस पर प्रकरण की सुनवाई के बाद कलेक्टर ने कंपनी के तर्को को अमान्य कर जुर्माना लगाया है।

Dharmendra Singh
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