मां-बाप के मरने पर चाचा ने बेच दिया मकान, बच्चियों ने पैसे मांगे तो कर दिया बेघर

पुलिस के हस्ताक्षेप के बाद चाचा ने बेचे गए मकान के 30 हजार रुपए दिए, साथ रखने से किया मना।

By: दीपक राय

Published: 09 Dec 2017, 11:55 AM IST

छतरपुर/नौगांव. मां-बाप का साया सिर से उठा तो चाचा ने मकान बेच दिया। चाचा से मकान के रुपए मांगे तो दोनों बच्चियों को बेघर कर दिया। बच्चियों ने थाने पहुंच कर मदद की गुहार लगाई। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद चाचा ने तीस हजार रुपए दिए लेकिन इन्हें साथ रखने से मना कर दिया। जिस पर पुलिस ने रिश्तेदार को बुलाकर बच्चियों के सुपुर्द किया। अब बच्चियों को मदद की दरकार है। जिससे कि उनका जीवनयापन हो सके।
जानकारी के अनुसार नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पीछे के निवासी महेंद्र कुमार सोनी की पत्नी गीता देवी सोनी की दस साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। महेंद्र सोनी भी बीमार रहने लगा था। दो साल पहले बीमारी से महेंद्र की भी मौत थी।
महेंद्र की मौत के बाद उसके छोटे भाई नरेंद्र उर्फ बबलू ने बड़ागांव में स्थित मकान बेच दिया था। कहा था कि मकान के पैसे महेंद्र की पुत्री ज्योति सोनी (23) व पूजा सोनी (18) दे दिया जाएगा। वहीं पिता की मौत के दोनों बच्चियां दिल्ली में रहने वाले चाचा कैलाश के पास चली गईं। १५ दिन पहले बच्चियां नौगांव चाचा नरेंद्र के यहां आईं थी। इस दौरान बच्चियों ने चाचा से अपने मकान के पैसे मांगे। जिस पर गुरुवार की रात दस बजे चाचा ने इन्हें घर से यह कर बाहर निकाल दिया न ही हम तुम्हारे पैसे देंगे और न ही हम तुम्हारे कोई हैं। जिस पर दोनों बच्चियां रात में ही नौगांव थाने पहुंची। जहां थाना प्रभारी विनायक शुक्ला को मामले से अवगत कराया। तब थाना प्रभारी ने बच्चियों के रहने का थाने में ही इंतजाम किया साथ नगर रक्षा समिति की महिला बुलाई।

&दोनों बच्चियां अनाथ हैं। इनके रिश्तेदार अपने साथ रखने के लिए तैयार नहीं हैं। फिलहाल दोनों बच्चियों को रिश्तेदार के यहां रुकने की व्यवस्था बनाई है। साथ ही दोनों बच्चियों का हमारे द्वारा भी सहयोग किया जाएगा। समाजसेवी भी बच्चियों का सहयोग कर सकते हैं।
विनायक शुक्ल, टीआई

अभी फूफा के यहां रखवाया, मदद की दरकार

वहीं शुक्रवार की सुबह थाना प्रभारी विनायक शुक्ल ने बच्चियों के चाचा को बुलाया और रिश्तेदारों को एकत्रित किया। काफी समझाइश के बाद चाचा नरेंद्र ने बच्चियों को तीस हजार रुपए देने को कहा। नरेंद्र ने कहा हम इन्हें घर नहीं रखेंगे। जिस पर पुलिस द्वारा और रिश्तेदारों का पता किया तो नगर में रहने वाले बच्चियों के रिश्ते के फूफा रामकिशन सोनी को बुलाकर मकान का एक कमरा खुलवाया और बच्चियां उसके सुपुर्द कीं। हालांकि बच्चियों की जवाबदारी लेने के लिए कोई तैयार नहीं हुआ। उधर दिल्ली में रहने वाले चाचा ने भी अब बच्चियों को साथ रखने से मना कर दिया है।

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दीपक राय
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