शहरी मरीजों को घर पर ही मिलने लगा कोरोना का इलाज

जिले में 8 मरीज कर रहे होम आइसोलेशन
वीडियो कॉल के माध्यम से ऑक्सीजन और बुखार की हो रही जांच

By: Dharmendra Singh

Published: 17 Sep 2020, 06:00 AM IST

छतरपुर। कोरोना जांच की सैंपलिंग बढ़ाने के साथ ही संक्रमित मरीजों तेजी से पहचान हो रही है। कोरोना वायरस से संक्रमितों में बड़ी संख्या में मरीज लक्षणविहीन और मंद लक्षणों वाले हैं। इसलिए ऐसे मरीजों के लिए मप्र सरकार के निर्देश पर अब छतरपुर जिले में भी होम आइसोलेशन की सुविधा शुरू हो गई है। यानि अब अपने ही घर में रहकर एक सुरक्षित और पृथक कमरे में संक्रमित व्यक्ति अपनी देखरेख कर पाएगा। मरीज के स्वास्थ्य पर नजर रखने के लिए जिला स्तर पर एक डिस्ट्रिक कोविड कंट्रोल कमाण्ड सेंटर बनाया गया है, जहां बैठे चिकित्सक वीडियो कॉल के माध्यम से दिन में दो बार मरीज से रूबरू होंगे। इस दौरान मरीज का ऑक्सीजन लेवल और शरीर का तापमान जांचा जाएगा। जिले में शुरू हुई होम आइसोलेशन की सुविधा से फिलहाल 8 मरीज जुड़ चुके हैं जिन्हें घर में ही रखकर उनका इलाज किया जा रहा है।

इन शर्तों पर ही मिलेगी होम आइसोलेशन की सुविधा
महामारी विशेषज्ञ एवं डिस्ट्रिक कोविड कमाण्ड सेंटर के प्रभारी डॉ. आशीष जैन ने बताया कि सरकार के निर्देश पर यह सुविधा जिले में प्रारंभ हो गई है, लेकिन होम आइसोलेशन के लिए सभी मरीज पात्र नहीं होंगे। होम आइसोलेशन की सुविधा सिर्फ उन मरीजों को मिलेगी जो शहरी क्षेत्रों से हैं, जिनके पास घर पर ही अटैच टॉयलेट सहित हवा और रोशनीयुक्त कमरा मौजूद है। ऐसे मरीज जिनकी आयु 60 साल से कम है और उन्हें स्वास्थ्य संबंधी अन्य समस्याएं जैसे बीपी, डायबिटीज, हृदय, किडनी आदि से जुड़े रोग नहीं है, वे होम आइसोलेट किए जा सकते हैं। होम आइसोलेट कर रहे मरीजों को अलग कमरे में रहना होगा। उनके खाने के बर्तन एवं कपड़े भी अलग होंगे, जिसे वह स्वयं इस्तेमाल कर धोएगा। मरीज के स्वास्थ्य पर नजर रखने के लिए उसे एक कोविड किट भी दी जाएगी जिसमें दवाएं और निर्देश होंगे। इसके साथ ही मरीज को अपना ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर रखना होगा। प्रतिदिन दिन में दो बार जब डॉक्टर उनसे बात करेंगे तब वे वीडियो कॉल पर ही अपना ऑक्सीजन लेवल और तापमान चैक कराएंगे।

स्वभाव बदल रहा वायरस, इन लक्षणों से करें पहचान
जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. आशीष जैन ने बताया कि कोरोना वायरस लगातार अपना स्वभाव बदल रहा है और यह अलग-अलग लोगों के शरीर पर अलग-अलग असर करता है। देश भर में पूरी तरह से अनलॉक हो जाने के बाद लोगों की आवाजाही बढ़ी है। जिसके कारण वायरस कम्युनिटी स्पे्रड का रूप ले चुका है। अब खुद के संक्रमित होने का पता कुछ लक्षणों से लगाया जा सकता है। लक्षण मिलते ही या संदेह होते ही तुरंत जांच कराएं। सर्दी, जुकाम, बुखार, सांस लेने में तकलीफ, स्वाद और गंध का चला जाना
जैसे लक्षण मिलते हैं। लेकिन कई बार कोई लक्षण नहीं मिलता, शरीर का ऑक्सीजन लेवल जांचते रहें। संदेह होने पर कम से कम 5 दिन आइसोलेट हो जाएं। 5 दिन तक आइसोलेट होने पर 90 फीसदी लोग इसके कैरियर नहीं रह जाते।

Dharmendra Singh
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