ग्रामीणों ने एसपी की गाड़ी रोकी, जमीन पर लोगों के साथ बैठ गए एसपी

गौरिहार थाना इलाके के रेवना गांव में हत्या के मामले में कुछ लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे परिजन
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट व फॉरेंसिक जांच में नहीं मिले हत्या के सबूत, इसलिए पुलिस दर्ज नहीं कर रही केस

By: Dharmendra Singh

Published: 25 Aug 2020, 07:00 AM IST

Chhatarpur, Chhatarpur, Madhya Pradesh, India

छतरपुर। गौरिहार थाना क्षेत्र के रेवना में एक माह पहले हुई हत्या के मामले में संदेहियों पर कार्रवाई न होने पर परिजन व ग्रामीण सोमवार को एसपी ऑफिस पहुंचे। पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा जब दफ्तर से निकलने लगे तो ग्रामीण उनकी गाड़ी के सामने आए गए। जिसके बाद एसपी शर्मा ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठ गए और पीडि़तों की बात सुनने के बाद सभी के बयान लिए। हत्या के इस मामले में परिजन कुछ लोगों पर हत्या का केस दर्ज कराना चाह रहे हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि निर्दोष के खिलाफ हत्या का केस कैसे दर्ज करें।

ये है मामला
गौरिहार थाना इलाके के रेवना गांव ते तिदुआ हार में 25 जुलाई को किसान लटोरी अहिरवार का शव पाया गया था। इस मामले में परिजनों ने कुछ लोगों पर हत्या का संदेह जताते हुए कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट या हत्या की बात सामने नहीं आने पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। 9 अगस्त को मृतक के परिजन और पूर्व विधायक विजय बहादुर सिंह एसपी ऑफिस में धरने पर बैठ गए। तब एसपी ने गौरिहार टीआइ सरिता बर्मन को लाइन अटैच कर परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया था। परिजनों का आरोप है कि लेकिन इस मामले में पुलिस की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। सोमवार को परिजन एक बार फिर एसपी ऑफिस पहुंचे और संदेहियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर एसपी की गाड़ी के सामने आ गए। इसके बाद एसपी सचिन शर्मा गाड़ी से उतरे और परिजनों के साथ जमीन पर ही बैठ गए। उन्होंने वहां आए सभी परिजनों व ग्रामीणों से कहा कि आप सब अपना बयान दर्ज करा दें।

यहां फंस रहा मामला
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मारपीट या हत्या की बात सामने नहीं आई है। जिसके चलते पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई कर दी। लेकिन परिजन बार-बार कभी 5 तो कभी 10 लोगों के नाम लेकर हत्या का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस नियम- कानून के मुताबिक कार्रवाई की। लेकिन परिजन संदेहियों पर हत्या का केस दर्ज कराना चाहते हैं। जिसके न तो उनके पास कोई साक्ष्य हैं, न ही पोस्टमॉर्टम व फॉरेंसिक जांच में हत्या के सबूत मिले हैं। ऐसे में पुलिस किसी निर्दोष के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं चाह रही है।

लीगल कार्रवाई की गई
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक कार्रवाई की गई थी। लेकिन परिजन संदेह जता कर बार बार कार्रवाई की मांग को लेकर आ रहे हैं, कोई इनको बार-बार भेज रहा है। लेकिन हत्या जैसे गंभीर मामले में किसी निर्दोष को नहीं फंसाया जा सकता है।
सचिन शर्मा, एसपी

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