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छतरपुर

कचरा प्रसंस्करण केंद्र में ट्रांसफॉर्मर नहीं, काम नहीं आ रही 40 लाख की मशीनें

शहर के पन्ना रोड स्थित कचरा प्रसंस्करण केंद्र में दस महीने से ट्रांसफॉर्मर नहीं लग पाया है। इस कारण 40 लाख की मशीनें धूल खा रही हैं। इन मशीनों से कचरा सामग्री को दोबारा उपयोगी बनाया जाना है।

छतरपुरJul 05, 2024 / 05:17 pm

Rizwan ansari

बंद पड़ी मशीनें

बंद पड़ी मशीनें

कचरे का लग रहा ढेर, निष्पादन की समस्या अब भी बरकरार

छतरपुर. शहर के पन्ना रोड स्थित कचरा प्रसंस्करण केंद्र में दस महीने से ट्रांसफॉर्मर नहीं लग पाया है। इस कारण 40 लाख की मशीनें धूल खा रही हैं। इन मशीनों से कचरा सामग्री को दोबारा उपयोगी बनाया जाना है। मशीनें बंद पड़ी रहने से केंद्र के आसपास कचरे का पहाड़ बन गया है। देखरेख के अभाव में कबाड़ी प्लास्टिक, लोहा एवं अन्य ठोस अपशिष्ट सामग्री उठा ले जा रहे हैं। इससे नगर पालिका की आय को नुकसान हो रहा है। कचरे के निष्पादन और ठोस प्रबंधन करने के लिए नपा ने मशीनें तो खरीद ली, मगर इनके चालू नहीं होने से स्वच्छता सर्वेक्षण पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।
ये मशीनें नहीं आ रही काम
मशीनों के लिए 10 लाख की लागत से नया प्लांट भी बनाया गया है। यहां पांच मशीनें स्थापित की गई हैं। खटका मशीन से सूखे कचरे को साफ किया जाना है। ग्रिंडल मशीन से प्लास्टिक और लोहे जैसी वस्तुएं काटी जाएंगी। एंग्लो मशीन से बड़े प्लास्टिक को काटने तथा उसे पिघलाकर छोटे-छोटे दानों में बदल देती है। इसके अलावा हाईड्रोलिक बेलिंग प्रेस मशीन है। यह मशीन संपीडि़त करने गांठों में बांधने का काम करती है। दाना मशीन, हार्ड प्लास्टिक को पिघलाकर नया आकार देने में सक्षम है। प्लांट में पुरानी दो छोटी मशीनें भी हैं, जो सूखे कचरे को छानकर पॉलिथिन, मिट्टी और पत्थर को पृथक-पृथक करती हैं। ट्रांसफॉर्मर के अभाव में सभी मशीनें बंद पड़ी हैं।
ट्रांसफॉर्मर आया, लगना बाकी है
नपा अधिकारियों का कहना है कि ट्रांसफॉर्मर लगाने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। नया ट्रांसफार्मर भी आ चुका है। इसे जल्द फिट कर प्लांट में बिजली सप्लाई चालू की जाएगी, जिससे प्लांट विधिवत काम करना शुरू कर देगा।
रोज 100 टन कचरा
करीब पांच एकड़ क्षेत्र में फैले कचरा प्रसंस्करण केंद्र में एमआरएफ केंद्र, एफएसटीपी प्लांट, जैविक कांपोस्टिंग प्लांट और प्लास्टिक रीसाइकलिंग प्लांट भी बनाया गया है। नपा के सफाई कर्मचारियों के मुताबिक शहर में हर रोज लगभग 100 टन कचरा निकलता है। इस कचरे को कचरा वाहनों द्वारा कचरा प्रसंस्करण केंद्र पहुंचाया जाता है, लेकिन कचरे रिड्यूज नहीं होने से डंप हो गया है। केंद्र के आसपास कचरे का पहाड़ बनने से रहवासी परेशान हैं। उनका कहना है कि दुर्गंध के कारण संक्रमित बीमारियों का अंदेशा बना रहता है।
कचरा प्रसंस्करण केंद्र में जल्द ही ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाएगा। आचार संहिता के कारण काम प्रभावित हो गया था। सारी व्यवस्थाएं जल्द ही कर ली जाएंगी।
माधुरी शर्मा, सीएमओ, नपा

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