पानी सप्लाई की योजना अधूरी फिर भी ठेकेदार को कर दिया 1 करोड़ का भुगतान

अब किसान से खरीदकर नगर में कर रहे पानी सप्लाई
पहले ठेकेदार ने बिछाई अधूरी लाइन और ले लिया पेमेंट, दूसरे ने बिना पानी सप्लाई किए करा लिया भुगतान
पानी सप्लाई के नाम पर खर्च किए 1 करोड़, अब हर महीने पानी खरीदकर कर रहे सप्लाई

By: Dharmendra Singh

Published: 26 Jun 2020, 07:00 AM IST

छतरपुर/ हरपालपुर। हरपालपुर नगर में पेयजल संकट चुनाव का बड़ा मुद्दा रहा है। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस विधायक ने नगर में मटका फोडकर पानी की समस्या का विरोध जताया और जनता ने पानी की समस्या के समाधान के लिए उन्हें वोट देकर विधायक भी बनाया। लेकिन नगर को पानी की सप्लाई के लिए विधायक द्वारा बनाई गई योजना फ्लाप हो गई। पेयजल सप्लाई योजना के अधूरे काम के बावजूद दो ठेकेदारों को 1 करोड़ का भुगतान भी कर दिया गया है। योजना फेल हो गई तो अब किसान से पानी खरीदकर नगर के कुछ इलाके में सप्लाई की जा रही है। लेकिन बाकी हिस्से में पानी के लिए अब भी लोग इंतजार कर रहे हैं।

ये है पूरा मामला
हरपालपुर में पेयजल सप्लाई के लिए क्षेत्रीय विधायक नीरज दीक्षित ने विशेष निधि से एक करोड़ रुपए में चपरन से हरपालपुर के मंगलबाजार तक साढे आठ किलोमीटर पाइप लाइन निर्माण, 2 संपबैल निर्माण योजना पास कराई। योजना के तहत पाइप लाइन बिछाने के साथ ही एक संपबैल चपरन में और दूसरा नगर के मंगलबाजार में बनाया जाना था। इसके लिए 1 करोड़ का टेंडर नगर परिषद द्वारा जारी किया गया, जो नौगांव के ठेकेदार रावत कंस्ट्रक्शन को 20 फीसदी एबब पर मिला। ठेकेदार ने मंगलबाजार स्थित पुराने कुआ की सफाई और रंगरोगन कर संपबैल बनाया और छह किलोमीटर तक पाइप लाइन बिछाने के बाद काम बंद कर दिया और अधूरे काम व लाइन टेस्टिंग के बिना ही लगभग 68 लाख का पेमेंट करा लिया। इसके बाद नगरपरिषद ने अधूरे काम का दोबारा टेंडर जारी किया गया, जो नौगांव के चौबे फर्म को मिला। चौबै फर्म ने बाकी ढाई किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई और चपरन में ढाई लाख लीटर का संपबैल बनाया। लेकिन पाइपलाइन से पानी सप्लाई के लिए टेस्टिंग के दौरान पाइप लाइन फट गई। इसके बाद काम बंद हो गया। योजना फ्लाप हो गई, लेकिन ठेकेदार को भुगतान कर दिया गया है।

अब किसान को 24 हजार रुपए देकर खरीद रहे पानी
चपरन से हरपालपुर पानी लाने के लिए एक क रोड़ का खर्च होने के वाबजूद पानी नगर को नहीं मिला तो नगर परिषद ने अब किसान परमानंद यादव के खेत के कुआं से तीन ट्यूबबेल के माध्यम से प्लास्टिक के पाइप डालकर चपरन लाइन में मंगलबाजार के पास जोड़कर संपबेल तक पानी लाया जा रहा है। किसान को हर महीने करीब 24 हजार रुपए का भुगतान कर पानी मंगलबाजार, स्टेशन मोहल्ला में सप्लाइ किया जा रहा है। लेकिन कपास मिल मोहल्ला में अभी भी पानी नहीं पहुंच पाया है। कपास मिल इलाके के लोगों को 4 दिन में एक बार पानी मिल पा रहा है।

पार्षद बोले- योजना की राशि का हुआ बंदरवाट
कपास मिल वार्ड के पार्षद आदित्य त्रिपाठी का आरोप है कि चपरन से हरपालपुर पानी लाने की योजना की राशि का बंदरबाट किया गया है। काम अधूरा होने पर भी ठेकेदारों को भुगतान कर दिया गया है। नगरपरिषद योजना के संबंध में लगाई गई आरटीआइ की जानकारी तक नहीं दे रहा है। जानकारी न देकर भ्रष्टाचार को छिपाया जा रहा है। वहीं, पूर्व पार्षद मातादीन अहिरवार का कहना है कि शासन की राशि को ठिकाने लगा दिया, अब हर महीने पानी खरीदकर लोगों को पहुंचाया जा रहा है, लेकिन अभी भी सभी को पानी नहीं मिला है। जब पानी सप्लाई टेस्टिंग फेल हो गई तो ठेकेदारों को भुगतान क्यों किया गया। पार्षद ये भी आरोप लगा रहे हैं कि जिम्मेदार ठेकेदार व कर्मचारियों- अधिकारियों पर कार्रवाई भी नहीं की जा रही है।

कर रहे टेस्टिंग
चपरन से हरपालपुर तक पाइप लाइन बिछ चुकी है। आधी लाइन की टेस्ंिटग भी करा ली गई है। बाकी आधी लाइन की टेस्टिंग का काम किया जा रहा है।
जगदीश मिश्रा, प्रभारी सीएमओ, नगर परिषद हरपालपुर

Dharmendra Singh
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