दिवंगत कर्मचारी की पत्नी 1 साल से तरस रही पेंशन के लिए

न जीपीएफ मिला और न मिल सका एरियर, परिवार पर मंडरा रहा आर्थिक संकट

By: Dharmendra Singh

Published: 15 Jun 2021, 07:51 PM IST

छतरपुर। ग्रामीण कृषि विकास विस्तार अधिकारी के पद पर कार्यरत रहने वाले लोक सेवक का 1 साल पहले निधन हो गया था। निधन के करीब 1 साल होने के बावजूद कर्मचारी की पत्नी को ना तो पेंशन मिल सकी और न ही कर्मचारी के जीपीएफ खाते की राशि मिली है। राशि न मिलने से परिवार पर आर्थिक संकट मंडरा रहा है कलेक्टर को आवेदन देकर गत कर्मचारी की पत्नी ने तत्काल मदद की गुहार लगाई है।
लवकुशनगर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पठा में पदस्थ रहे कृषि विकास विस्तार अधिकारी नरेंद्र कुमार द्विवेदी का 14 जुलाई 2019 को निधन हो गया था। द्विवेदी के निधन के बाद एक्स ग्रेशिया के रूप में पचास हजार व ढाई लाख रुपए बीमा राशि परिवार को मिली थी। इसके अलावा परिवार को फूटी कौड़ी नहीं मिली। दिवंगत कर्मचारी की पत्नी की पेंशन भी नहीं बनाई गई है। मृतक की पत्नी अंजू दुबे दी ने बताया कि मुख्यमंत्री शिकायत निवारण प्रकोष्ठ में शिकायत करने व कलेक्टर को आवेदन देने के बाद भी न तो उनके पति के जीपीएफ खाते की राशि मिली है और ना ही उनकी पेंशन बनाई गई है। पति के न रहने पर परिवार के भरण-पोषण का जिम्मा उनके ऊपर आ गया है मगर उनके पास कोई आर्थिक स्रोत नहीं है। जल्द से जल्द पेंशन प्रकरण तैयार करवाने और एरियर व जीपीएफ खाते की राशि दिलाने की मांग की गई है।

इधर, जिला सीइओ से लगाई मदद की गुहार
जनपद पंचायत लवकुशनगर की ग्राम हरद्धार निवासी रोहिणी देवी नायक जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अमर बहादुर सिंह को एक आवेदन देकर अपने पति की मृत्यु हो जाने के बाद संबल योजना से आर्थिक सहायता दिलाए जाने की मांग की। महिला के साथ उसका एक छोटा सात वर्षीय बच्चा भी था। महिला ने जो आवेदन दिया उसमें उल्लेख किया था कि उनके पति राम जी नायक की मृत्यु कोविड 19 के कारण दिनांक 8 मई 2021 के हो गई थी। महिला ने यह भी उल्लेख यिका है कि न उसके पास मकान है और न ही जमीन है। वह अपने बच्चे और स्वयं का भरण पोषण कैसे करेगी। जिला पंचायत के सीईओ ने महिला की परिस्थिति को देखते हुए तत्काल जनपद पंचायत लवकुशनगर को निर्देश दिए कि आवेदिका का प्रकरण भेजा जाए और विधवा महिला को पेंशन जारी की जाए इसके अलावा प्रधानमंत्री योजना के तहत दिए जाने वाले राशन में नाम जोड़ा जाए। इस अवसर एसीओ अतिरिक्त कार्यपालन अधिकारी चन्द्रसेन सिंह भी मौजूद थे। उन्होंने भी महिला को संबल योजना के तहत आर्थिक सहायता दिलाए जाने का पूरा भरोसा दिलाया। महिला जिला पंचायत सीईओ के चैंबर में भावुक होकर रोने लगी।

Dharmendra Singh
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