100 साल पुराना पुल बरकरार,एक साल पहने बना निर्माण नहीं टिका

पिछले वर्ष बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए इंटेकवेल का निर्माण एक वर्ष बाद भी शुरू नही हो पाया है। इससे चौरई नगर की पेयजल व्यवस्था बेपटरी हो गई है। फिलहाल तीन दिन में एक बार जलापूर्ति हो रही है। इंटेकवेल और एनिकेट तो निर्माण के बाद पहली ही बारिश में आई बाढ़ से ध्वस्त हो गया। जबकि इसी स्थान पर लगभग सौ साल पुराना पुल जस का तस खड़ा हुआ है ।

By: Rahul sharma

Updated: 15 Sep 2021, 01:01 PM IST

छिन्दवाड़ा/चौरई . पिछले वर्ष बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए इंटेकवेल का निर्माण एक वर्ष बाद भी शुरू नही हो पाया है। इससे चौरई नगर की पेयजल व्यवस्था बेपटरी हो गई है। फिलहाल तीन दिन में एक बार जलापूर्ति हो रही है। इंटेकवेल और एनिकेट तो निर्माण के बाद पहली ही बारिश में आई बाढ़ से ध्वस्त हो गया। जबकि इसी स्थान पर लगभग सौ साल पुराना पुल जस का तस खड़ा हुआ है । लगातार घटिया निर्माण की शिकायतों के बावजूद बिना जांच के ठेकेदार को भुगतान होते रहा। यही नहीं टेस्टिंग के ही ठेकेदार की जमा सुरक्षा निधि भी वापस कर दी गई। टंकी से भी एक वर्ष में ही पानी का रिसाव होने लगा। इस मामले की दर्जन भर से अधिक शिकायतें की गई पर नगरीय प्रशासन विभाग ने कार्रवाई में कोई रुचि नही दिखाई । पिछले साल नगरीय प्रशासन विभाग के आला अधिकारियों ने स्थल निरीक्षण भी किया परंतु काम आज तक शुरु नहीं हो सका। इसका खमियाजा चौरई की जनता को भुगतना पड़ रहा है । तीन दिन में एक बार पेयजल मिल रहा है । मोटर में खराब होने पर पांच दिन में पानी मिलता है। छह करोड़ से अधिक राशि से निर्मित इंटेकवेल और एनिकेट के पहली ही बारिश में ध्वस्त हो जाने पर भाजपा नेताओं ने लगातार शिकायतें की परंतु जांच के नाम पर लीपापोती कर दी गई ।

Rahul sharma
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned