18 plus vaccination: गांव पहुंचने में लगेंगे तीन माह, यह वजह आई सामने

15 दिनों में मुश्किल से पहुंच पाया चार हजार का आंकड़ा, जिला मुख्यालय व सामुदायिक केंद्रों तक सीमित वैक्सीनेशन

By: prabha shankar

Published: 17 May 2021, 10:32 AM IST

छिंदवाड़ा। एक मई से शुरू 18 प्लस का वैक्सीनेशन अभी तक गति नहीं पकड़ पाया है। वैक्सीन की कमी के चलते डोज 15 दिन में केवल जिला मुख्यालय और तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तक पहुंच सके हैं। गांवों में वैक्सीनेशन को लेकर उत्साह है, लेकिन वहां पहुंचने में कम से कम तीन माह का समय लगेगा।
स्वास्थ्य विभाग की मानें तो 18 से 44 साल के आयु वर्ग की वैक्सीन राज्य सरकार खरीद रही है इसलिए वैक्सीन की कमी सामने आ रही है। इसके चलते जिला मुख्यालय और तीन सीएससी में ही वैक्सीनेशन हो पाया है। जबकि 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में भरपूर वैक्सीन केन्द्र सरकार से मिल रही है। वैक्सीनेशन में इस दोहरी नीति से आम आदमी अचंभित है। हर क ोई यह सवाल उठा रहा है कि कोरोना संक्रमण को काबू पाने में वैक्सीन ही कारगर उपाय है। ऐसी स्थिति में सरकार क्यों 18 प्लस के वैक्सीनेशन को कमजोर बना रही है। इसके रजिस्ट्रेशन में स्लॉट मुश्किल से मिल पा रहा है।
जबकि 45 वर्ष से अधिक आयु में वैक्सीन की कोई कमी नहीं हो पा रही है। इस आयु वर्ग में वैक्सीन 2.25 लाख लोगों को लगाई जा चुकी है। जबकि 18 प्लस आयु वर्ग में 3681 लोगों को टीके लगाए जा चुके हैं।

गांवों के युवाओं में टीकाकरण का उत्साह
यूं तो 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में करीब छह लाख आबादी को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन इस आयु वर्ग में उतना उत्साह नहीं है जितना युवा जागरूक दिखाई दे रहे हैं। वे न केवल रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं बल्कि अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। इस आयु वर्ग में आठ लाख की आबादी है। गांवों में संख्या भी ज्यादा है। गांवों में जागरुकता अभियान चला रहे स्वयंसेवी श्यामल राव का कहना है कि लगातार वॉलेंटियर्स के पहुंचने से गांवों में टीकाकरण का माहौल बन रहा है। खासकर युवा आबादी उत्साहित है।

जुलाई से मिल सकती है भरपूर वैक्सीन
स्वास्थ्य अधिकारियों ने संकेत दिए कि पूरे देश में जिस तरह वैक्सीन उत्पादन के प्रयास हो रहे हैं, उससे जुलाई में भरपूर मात्रा में वैक्सीन मिलने की सम्भावना है। फिलहाल राज्य सरकार के ऑर्डर विभिन्न कम्पनियों में लग रहे हैं। इसकी आपूर्ति में समय लग सकता है। अभी18 प्लस में एक दिन में एक हजार वैक्सीन डोज लगने का लक्ष्य रखा गया है। जैसे ही वैक्सीन की उपलब्धता बढ़ेगी, तब कुछ वैक्सीनेशन की गति बढऩे की उम्मीद की जा सकती है।

इनका कहना है
18 प्लस के वैक्सीनेशन में वैक्सीन डोज की उपलब्धता सीमित होने से अभी जिला मुख्यालय और सीएससी पर ध्यान केन्द्रित किया गया है। उपलब्धता बढऩे पर गांवों तक पहुंचा जा सकेगा।
-डॉ.एलएन साहू, जिला टीकाकरण अधिकारी।

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