इनकी लापरवाही से कही गीला न हो जाए हजारों क्विंटल गेहूं, देखें वीडियो

हरनाखेड़ी समिति में १९ हजार क्विंटल गेहूं खुले में पड़ा

By: Rajendra Sharma

Published: 24 May 2018, 12:34 PM IST

ऐसे तो दो माह लग जाएंगे परिवहन में
छिंदवाड़ा . समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी को तो सिर्फ दो दिन बचे हैं। अनाज के परिवहन का काम कछुआ गति से चल रहा है। चौरई की हरनाखेड़ी समिति में छह दिन बाद एक ट्रक शाम को समिति के केंद्र में पहुंचा जबकि समिति ट्रांसपोर्टर ने कम से कम १० ट्रक भेजने की बात कही थी। समिति प्रबंधक का कहना है कि अभी समिति के पास मैदान में १९ हजार क्विंटल गेहूं रखा है जिसका परिवहन होना है। समितियों के कर्मचारी बेहद परेशान दिख रहे हैं। उनका कहना है कि गेहूं खरीदें, उसे बारिश से बचाएं या फिर रात में अनाज की सुरक्षा करें।
उनका कहना है कि परिवहन यदि इसी गति से चला तो अनाज उठने में दो महीने लग जाएंगे। समिति प्रबंधक विनीत बंदेवार ने बताया कि रोज ट्रंासपोर्टर को फोन लगाकर गाड़ी भेजने के लिए हम कह रहे हैं।
विपणन संघ के कार्यालय और अधिकारियों को भी इसकी जानकारी दे रहे हैं कि अनाज खुले में पड़ा है।
इधर बुधवार के खमरा और खमापरपानी का समाचार प्रकाशित होने के बाद कलेक्टर ने खमारपानी सहकारी समिति का दौरा किया और वहां पर परिवहन को लेकर अधिकारियों से चर्चा की। बताया जाता है कि बुधवार की शाम को यहां परिवहनकर्ता ने दो गाडि़यां भेजीं। समिति के प्रभारी सुनील मालवी ने बताया कि मुख्यमंत्री के संभावित कार्यक्रम के स्थल को देखेने आए कलेक्टर ने यहां समिति में खरीदे और मैदान में रखे गेहूं को देखा। जानकारी लेने के बाद उन्होंने फोन पर अधिकारियों को निर्देश भी दिए।

खराब हुआ तो समिति पर थोपते हैं

समितियों में काम कर रहे कर्मचारी परेशान इसलिए हैं कि विभाग खराब हुए अनाज को समिति पर थोप देता है। इन कर्मचारियों को ७५०० रुपए महीने की तनख्वाह पर रखा गया है जबकि बिगड़े मौसम के कारण अनाज खराब हुआ तो उसकी कीमत हजारों लाखों में जाती है। परिवहन के समय गोदाम संचालक इसे रखने से मना कर देते हैं। नियम के अुनसार तो परिवहनकर्ता को जिम्मेदार माना जाना चाहिए, लेकिन इसमें पिसते हैं समिति के कर्मचारी। कई बार इस सम्बंध में लिखित रूप से पत्र दिए गए हैं लेकिन हालात नहीं सुधरे हैं।

Rajendra Sharma Desk
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