एजेंसियों को करारा झटका, काम पूरा करने में कर रहे आनाकानी

एजेंसियों को करारा झटका, काम पूरा करने में कर रहे आनाकानी
25 percent increase in cost

Prabha Shankar Giri | Updated: 10 May 2019, 08:00:00 AM (IST) Chhindwara, Chhindwara, Madhya Pradesh, India

सीमेंट में तेजी से थमे निर्माण, नगर निगम से लेकर पंचायतों तक एजेंसियां बता रही लागत में 25 फीसदी वृद्धि

छिंदवाड़ा. सीमेंट के भाव 50 रुपए प्रति बोरी उछलने से सरकारी स्तर पर बन रहे सडक़,भवन और पुलिया समेत अन्य निर्माण कार्य में ठहराव आ गया है। इस तेजी से निर्माण एजेंसियां लागत वृद्धि के झटके से उबर नहीं पा रही है। हालात ये हैं कि नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, पीआइयू, पंचायत समेत अन्य विभागों की पुरानी दर पर लिए गए काम पूरा करने में असमर्थता व्यक्त की जाने लगी है।
लोकसभा चुनाव की शुरुआत अप्रैल में ही बाजार में सीमेंट के भाव 260 रुपए से अचानक बढकऱ 325 रुपए प्रति बोरी तक हो गए। इसका असर निजी स्तर पर मकान व भवन बनाने वाले लोगों के बजट पर पड़ा। उनकी निर्माण लागत औसत 25 प्रतिशत तक बढ़ गई। सरकारी क्षेत्र के निर्माण कार्य बुरी तरह चरमरा गए। सबसे ज्यादा असर नगर निगम क्षेत्र में दिखाई पड़ा।
कुकड़ा जगत से लेकर लालबाग पेट्रोल पम्प तक बन रही सडक़ का निर्माण कई दिनों तक रुका रहा। अभी भी निर्माण एजेंसी सीमेंट न होने की बात पर निर्माण कार्य जब तब रोक रहीं हैं। इसी तरह आनंदम् सिटी डुप्लेक्स समेत अन्य निर्माण कार्य में भी ठहराव आ गया है। बीएलसी मकानों में लोगों को सरकारी अनुदान कम पड़ रहा है। वे अब नगरीय प्रशासन विभाग से एसओआर बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। निगम के अलावा पंचायत, पीडब्ल्यूडी, पीएचइ, पीआइयू समेत अन्य विभाग के ठेकेदार भी सोच में पड़ गए हैं। उन्होंने जिस रेट में काम लिया था, सीमेंट के भाव में वृद्धि से उनका मुनाफा कम हो गया है। इस तरह निजी से लेकर सरकारी क्षेत्र लागत वृद्धि के कुचक्र में फंसा नजर आ रहा है।

सीमेंट कारोबार में भी उठाव कम
सीमेंट के भाव में वृद्धि से बाजार में कारोबार केवल निजी क्षेत्र पर सिमट गया है। व्यवसायी बता रहे हैं कि पहले जिस हिसाब से सीमेंट सरकारी क्षेत्र में जाती थी, मूल्य वृद्धि के बाद मांग में कमी आई है। केवल निजी भवन निर्माण के लिए लोग उनसे सम्पर्क कर रहे हैं। आशा है कि लोकसभा चुनाव के परिणाम के बाद सरकारी क्षेत्र में सीमेंट की मांग बढऩे पर बाजार सम्भलेगा।

शादी सीजन में व्यस्त मजदूर वर्ग
सीमेंट में उठाव की कमी का एक कारण यह भी है कि मई में तापमान 44 डिग्री तक पहुंचने से ग्रामीण इलाकों से मजदूर शहर में मजदूरी करने कम आ रहे हैं। दूसरा कारण शादियां हैं। हर कोई मांगलिक कार्य में व्यस्त है। जून तक यह सिलसिला जारी रहेगा। इसका असर भी निर्माण क्षेत्र में नजर आ रहा है। जैसे ही शादियां खत्म होंगी, मजदूरों का रुझान वापस मजदूरी पर आ जाएगा।

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