आखिर कैसे 30 दिनों में ही दोगुनी हो गई बिजली की खपत, वजह जान हैरान रह जाएंगे

एक लाख से अधिक कृषि पम्पों को दस घंटे आपूर्ति, प्रतिदिन आ रही एक दर्जन शिकायतें

By: manohar soni

Published: 11 Dec 2017, 09:43 AM IST

छिंदवाड़ा. रबी सीजन में खेतों में लगी गेहूं-चना की फसल को सींचने के लिए इस समय 20 लाख यूनिट बिजली प्रतिदिन अतिरिक्त लग रही है। एक लाख से अधिक कृषि पंप कुआें और तालाबों से पानी निकालने में लगे हुए है। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के अधिकारी ठंड के मौसम में घरेलू खपत में कमी के सहारे दस घंटे बिजली नियमित देने का दावा कर रहे हैं।
रबी सीजन की शुरुआती माह अक्टूबर में जिले की सामान्य खपत २५ लाख यूनिट थी। जिले में स्थायी कृषि पम्प कनेक्शन 97 हजार600 के अलावा 12 हजार अतिरिक्त अस्थायी कनेक्शन दिए गए। इन कनेक्शन पर दिन में ६ और रात में 4 घंटे कुल दस घंटे बिजली देने का शेड्यूल तय किया गया है। दिसम्बर में खेतों की फसल सिंचाई के लिए पानी की जरूरत पड़ी तो ये पम्प पूरी रफ्तार से चालू हो गए। इससे बिजली की मांग लगातार बनी हुई है। जबकि घरेलू खपत में ठंड के चलते गिरावट आई है। कम्पनी अधिकारियों का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में जिले में खपत में पांच से दस प्रतिशत और वृद्धि हो सकती है। अभी बारिश न होने से इस क्षेत्र में डिमांड बरकरार है।


संभागीय अभियंता वायके सिंघई का कहना है कि रबी सीजन की सिंचाई से बिजली खपत में वृद्धि हुई है। इस समय पूरे जिले में 45 लाख यूनिट बिजली की प्रतिदिन आपूर्ति की जा रही है। कृषि क्षेत्र की डिमांड ज्यादा है। हम दस घंटे बिजली दे रहे हैं।

चार हजार कनेक्शन स्थायी
विद्युत कम्पनी अस्थायी विद्युत पम्प कनेक्शन को स्थायी में परिवर्तित करने का अभियान चला रही है। किसानों के लिए हार्सपावर के हिसाब से दरें तय की गई है। कम्पनी अधिकारियों का दावा है कि अभी तक चार हजार अस्थायी कनेक्शन को नियमित कर दिया गया है। ये अभियान लगातार जारी रहेगा।

ट्रांसफार्मर जलने की भी शिकायतें
जिले में ट्रांसफार्मर के जलने और खराब होने की एक दर्जन शिकायतें प्रतिदिन आ रही है। विद्युत अधिकारी हर दिन ग्रामीण इलाकों में कर्मचारी भेज रहे हैं। संभागीय अभियंता के मुताबिक हमारी प्राथमिकता इस समय किसानों को नियमित बिजली देना है।

manohar soni Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned