मध्यप्रदेश का एक गांव ऐसा भी, गुजर रही है पाइपलाइन फिर भी गांव प्यासा

कलेक्टर जनसुनवाई में पहुुंचा ग्रामीणों का दल, पेयजल समस्या दूर करने की मांग

By: prabha shankar

Published: 16 Dec 2020, 05:58 PM IST

छिंदवाड़ा। ग्राम पंचायत अम्बामाली में विगत दो वर्षो से नल जल योजना चालू हैं लेकिन इसी पंचायत के गांव झालाकुही से पाइप लाइन गुजरने के बाद भीं पेयजल नहीं दिया गया। जिससे ग्रामवासी पीने के पानी से वंचित हैं । यह शिकायत लेकर ग्रामीणों का दल मंगलवार को कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचा।
ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत में कई बार ग्राम की समस्या रखी गई और नल एवं जल बोर्ड निगम में पीएचई विभाग को भी कई बार अवगत कराया गई है । आज तक पेयजल प्राप्त नहीं हुआ। ग्रामवासी को पानी लाने में अधिक परेशानी होती है । उन्होंने ग्राम को जल बोर्ड निगम से जोडकऱ ग्राम वासियों की समस्या हल करने की मांग की।
दूरदराज से पानी ला रही महिलाएं : मोहखेड़ विकासखण्ड के ग्राम पटनिया में भी पेयजल समस्या का सामना ग्रामीणों को करना पड़ रहा है। महिलाएं दूरदराज के इलाकों से पानी ला रही है। जिससे उनका मजदूरी कार्य भी प्रभावित होता रहा है ।
ग्राम में कोई भी हैंडपंप नहीं है। गांव में 1200 फीट की गहराई में पानी संभावित है। ग्रामीणों ने पेयजल संकट को देखते हुए नल-जल योजना लागू करने की मांग की।
राजस्व कमिश्नर कोर्ट न होने से परेशानी
जिले के करीब 34 गांव के पीडि़त किसानों ने कलेक्टर के माध्यम से जबलपुर राजस्व कमिश्नर की लिंक कोर्ट छिंदवाड़ा में स्थापित करने की मांग की। भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन के शेख महफूज मंसूरी और लक्ष्मण मालवीय ने कहा कि छिन्दवाड़ा के राजस्व प्रकरण की दूसरी अपील जबलपुर सम्भाग में जाकर करनी पड़ती है । जबकि सुलभ न्याय की सुविधा के तहत जबलपुर संभाग के राजस्व कमिश्नर को प्रत्येक माह में एक बार जिला मुख्यालय से जाकर द्वितीय राजस्व अपीलें की सुनवाई छिन्दवाड़ा मे करनी चाहिए । पूर्व में भी राजस्व कमिश्नर की लिंक कोर्ट छिन्दवाड़ा रही है लेकिन संभाग की घोषणा लटकने से कमिश्नर की लिंक कोर्ट भंग हो गई । अब पीडि़़त किसानों ने जिला मुख्यालय में राजस्व कमिशनर की लिंक कोर्ट खोलने की मांग पुन: कलेक्टर से की।

नहीं मिली पीएम आवास की राशि
चांद तहसील के ग्राम रगड़ा में प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि अब तक 12 ग्रामीणों को स्वीकृत नहीं हुई है। उन्होंने शिकायत करते हुए बताया कि पंचायत द्वारा राशि स्वीकृत नहीं की गई है जबकि दूसरी पंचायतों में इसका लाभ मिल चुका है।
आठ माह बीते, नहीं मिली प्रोत्साहन राशि
अमरवाड़ा विकासखण्ड के ग्राम कुबड़ी घाघरा की भारिया जनजाति की महिलाओं को आठ माह से एक हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि नहीं मिली है। इस गांव की कुछ महिलाओं को यह राशि प्राप्त हो रही है। उन्होंने कलेक्टर से इस राशि को दिलाने की मांग की।

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