तीन अधिकारियों पर शनि भारी, रंगे हाथों दबोचा

रिश्वत लेते तीन को दबोचा, लोकायुक्त की तीन टीमों ने की कार्रवाई

By: prabha shankar

Published: 16 May 2018, 07:00 AM IST

छिंदवाड़ा . मंगलवार को तीन अधिकारियों पर शनि भारी रहा। जबलपुर लोकायुक्त की तीन टीमों ने जिले में तीन स्थानों पर दबिश देकर तीन अधिकारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा।
लोकायुक्त एसपी को इन तीन अधिकारियों द्वारा रिश्वत की मांग करने की शिकायत की गई थी जिसके बाद तीन डीएसपी के नेतृत्व में तीन टीमों का गठन किया गया। काफी मशक्कत के बाद इन लोकायुक्त टीमों को सफलता हाथ लगी। पहली लोकायुक्त टीम ने जुन्नारदेव के मप्र विधुत वितरण कम्पनी के सहायक अभियंता रविशंकर सिंह को १५ हजार, दूसरी लोकायुक्त टीम ने बिछुआ के जनपद पंचायत कार्यालय के सहायक लेखाधिकारी दीपक सोनगड़े को चार हजार तथा छिंदवाड़ा के ईएलसी चौक से मनरेगा जनपद पंचायत बिछुआ के उपयंत्री दिनेश जौहरे को 30 हजार की रिश्वत लेते लोकायुक्त की टीमों ने रंगे हाथ पकड़ा।
कार्रवाई के बाद लोकायुक्त की टीमों ने रिश्वतखोर अधिकारियों पर भष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।

मूल्यांकन के बदले मांगे थे तीस हजार
बिछुआ की ग्राम पंचायत चीचगांव में आंगनबाड़ी बिल्डिंग का निर्माण सरपंच द्वारा कराया गया। इस निर्माण कार्य का मूल्यांकन जनपद पंचायत बिछुआ के उपयंत्री द्वारा किया जाना था। मूल्यांकन रिपोर्ट सही मिले जिसकी एवज में जनपद पंचायत बिछुआ में मनरेगा के उपयंत्री दिनेश जौहरे ने 45 हजार रुपए की डिमांड सरपंच से की, जिसके बाद बातचीत में 30 हजार रुपए देना मंगलवार को तय हुआ। इसकी शिकायत सरपंच पति सुखराम नोरे निवासी आगरापुर ने लोकायुक्त एसपी जबलपुर को की थी। शिकायत के बाद मंगलवार की सुबह से उपयंत्री की फिल्डिंग में बैठे लोकायुक्त की टीम पहले बिछुआ पहुंची, लेकिन उपयंत्री ने सरपंच पति को शाम चार बजे ईएलसी चौक पर बुलाया। सरपंच पति ने जैसे ही ईएलसी चौक पर स्थित होटल के सामने उपयंत्री को पैसे दिए वैसे ही घात लगातार बैठी लोकायुक्त टीम ने उपयंत्री को रंगे हाथ पकड़ लिया। इस टीम में डीएसपी दिलीप झरबड़े, निरीक्षक स्वप्निल दास, आरक्षक अतुल श्रीवास्तव, जुबेद खान तथा सुरेंद्र शामिल थे। उपयंत्री को मौके से पकड़ कर टीम फारेस्ट के संवाद सदन ले गई, जहां पर आगे की कार्रवाई की गई।

खेत में ट्रांसफार्मर लगाने मांगी थी रिश्वत
जुन्नारदेव विकासखंड अंतर्गत ग्राम नदौरा निवासी किसान गनपत यदुवंशी ने अपने खेत में ट्रांसफार्मर लगाने के लिए मप्र विधुत वितरण कम्पनी के सहायक अभियंता कार्यालय में आवेदन किया। आवेदन के बाद मुख्यमंत्री कृषि अनुदान योजना के अंतर्गत उसका ट्रांसफार्मर स्वीकृत हो गया, जिसके तहत किसान को 20 हजार रुपए जमा कर ट्रांसफार्मर लगवाना था। कार्यालय के सहायक अभियंता रविशंकर सिंह ने योजना का लाभ दिलाने की एवज में किसान गनपत से 15 हजार रुपए रिश्वत मांगी। इसकी शिकायत किसान ने लोकायुक्त एसपी जबलपुर को की। मंगलवार की दोपहर किसान सहायक अभियंता को रिश्वत की राशि देकर जैसे ही कार्यालय से निकला तो घात लगाकर बाहर बैठी टीम ने सहायक अभियंता को पकड़ पैसों के साथ रंगे हाथ पकड़ लिया। इस कार्रवाई में डीएसपी एचपी चौधरी, निरीक्षक मनोज गुप्ता, आरक्षक सागर सोनकर, सोनू चौकसे, राजेंद्र शामिल थे।

बिल पास करने मांगे थे 4 हजार
तहसील बिछुआ के ग्राम खमारपानी निवासी अरुण कुमार चौधरी ने जनपद पंचायत क्षेत्र की पंचायतों में मनरेगा के तहत कुछ निर्माण कार्य कराए, जिसके बाद एक लाख 48 हजार का बिल जनपद पंचायत में लगाए। कार्यालय में लगाए गए बिलों को पास करने की एवज में जनपद पंचायत बिछुआ मनरेगा में पदस्थ सहायक लेखाधिकारी दीपक सोनगड़े ने चार हजार रुपए रिश्वत की मांग अरुण चौधरी से की थी। इसकी शिकायत अरुण चौधरी ने लोकायुक्त एसपी जबलपुर को की, जिसके बाद टीम ने सहायक लेखाधिकारी को रिश्वत लेते कार्यालय में ही रंगे हाथ पकड़ा। इस कार्रवाई में डीएसपी जेपी वर्मा, निरीक्षक ऑस्कर किंडो तथा टीम शामिल थी।

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