मंत्री के आदेश से हडक़म्प, मुफ्त में बिजली लेने वालों पर गिरेगी गाज

मंत्री के आदेश से हडक़म्प, मुफ्त में बिजली लेने वालों पर गिरेगी गाज
Action will be taken for free electricity

Prabha Shankar Giri | Updated: 26 Jun 2019, 11:08:17 AM (IST) Chhindwara, Chhindwara, Madhya Pradesh, India

जिले में रियायती बिलों के 60 फीसदी मामले में फर्जी बिलिंग की आशंका जाहिर की जा रही है

छिंदवाड़ा. सरकार की दरियादिली में मुफ्त की बिजली उपभोग कर रहे अपात्र गरीबों पर जल्द ही गाज गिरेगी। प्रशासन सौ रुपए में सौ यूनिट बिजली लेने वाले उपभोक्ताओं की घर-घर जांच कराएगा। इस दौरान पकड़े गए अपात्रों से सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने पर रिकवरी भी की जा सकती है। प्रदेश के श्रम मंत्री द्वारा शिवराज सरकार के कार्यकाल में बनाए गए सम्बल कार्ड और उस पर बिजली बिल में रियायत लेने की जांच कराने सम्बंधी आदेश से ऐसे उपभोक्ताओं में हडक़म्प मच गया है। जिले में रियायती बिलों के 60 फीसदी मामले में फर्जी बिलिंग की आशंका जाहिर की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018 में नवम्बर से पहले पिछली सरकार ने चुनावी लाभ के लिए सरल बिजली बिल योजना लागू की और सम्बल के हितग्राहियों का पंजीयन भी करा दिया। इससे बिल्डिंग से लेकर सम्पन्न और प्रभावशाली भी शामिल हो गए। पहले तो उन्हें दो सौ रुपए बिजली बिल आया। विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस सरकार ने इंदिरा गृह ज्योति योजना लागू कर दी और दो सौ रुपए की जगह सौ रुपए में सौ यूनिट बिजली का बिल का प्रावधान कर दिया। लोकसभा चुनाव होने के बाद प्रदेश सरकार की नजर शिवराज सरकार के समय बनाए गए थोकबंद सम्बल कार्ड और रियायती बिजली बिल पर पड़ी है। श्रम मंत्री के मुताबिक सम्बल योजना में लाभ लेनेवाले अपात्रों की जांच का पत्र कलेक्टर को भी भेजा गया है। इस जांच से मुफ्त बिजली का लाभ लेनेवाले अपात्र के नाम सामने आ जाएंगे।
जिले में 1.97 लाख उपभोक्ता में अधिकांश अपात्र
पूरे जिले में बिजली के निम्न और उच्च दाब के करीब पांच लाख उपभोक्ता है। इनमें से 1.97 लाख उपभोक्ताओं को इंदिरा गृह ज्योति योजना का लाभ दिया गया है। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के रिकॉर्ड में अभी 25 हजार ऐसे उपभोक्ता कतार में बताए गए हैं। खुद बिजली अधिकारी मान रहे हैं कि रियायती बिजली बिल का लाभ लेने वाले अधिकांश अपात्र है, जिन्होंने सम्बल कार्ड बनाए और मुफ्त की बिजली का उपयोग किया। फिलहाल जांच में आने पर उनसे रिकवरी भी कराई जा सकती है।


आदेश का इंतजार
इंदिरा गृह ज्योति योजना में अपात्रों की जांच अभियान के आदेश का इंतजार है। इसके आने पर हम जांच कराएंगे और अपात्र उपभोक्ताओं पर उचित कार्रवाई कराएंगे।
वायके सिंघई,संभागीय अभियंता पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी

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