Administration: प्रशासन खुद नहीं चाहता बंद हो अवैध कॉलोनियों का निर्माण, कैसे पढ़ें यह खबर

प्रशासन की तरफ से बरती जाने वाली लापरवाही के कारण ही अवैध कॉलोनियों का निर्माण होता है, यह बात जग जाहिर है।

By: babanrao pathe

Published: 25 Sep 2021, 12:27 PM IST

छिंदवाड़ा. प्रशासन की तरफ से बरती जाने वाली लापरवाही के कारण ही अवैध कॉलोनियों का निर्माण होता है, यह बात जग जाहिर है। प्रशासनिक अमला तत्काल मौके पर नहीं पहुंच सकता और न ही एकाएक अवैध कॉलोनी के निर्माण की जानकारी जुटा सकता है, लेकिन रजिस्टार कार्यालय से इस पर बड़ी आसानी से रोक लगाई जा सकती है।

प्लॉटों की रजिस्ट्री करने के लिए कॉलोनाइजर को प्लॉट के साथ डायवर्जन और नक्शा भी देना होता है, तब प्लॉट की रजिस्ट्री होती है। रजिस्ट्री कार्यालय में बटांक होते हैं। बैगर डायवर्जन और नक्शा के दो से अधिक प्लॉट की रजिस्ट्री को रोककर सम्बंधित कॉलोनाइजर की जांच कराई जा सकती है, इससे यह होगा कि कोई भी बगैर डायवर्जन और नक्शा के प्लॉट नहीं बेच पाएगा। निर्धारित मापदण्ड से कम भूमि, कृषि भूमि और बगैर डायवर्जन वाली भूमि पर प्लॉट बेचना या कॉलोनी का निर्माण नहीं हो पाएगा। रजिस्ट्रार कार्यालय से ही रजिस्ट्रियों पर रोक लगा दी जाती है तो अवैध कॉलोनियों का निर्माण या फिर अवैध तरीके से प्लॉट बेचने बंद हो जाएगा, इसका सीधा फायदा उन लोगों को मिलेगा जो बड़ी रकम चुकाने के बाद ऐसे प्लॉट और मकान खरीद लेते हैं, जो नियमों के अनुसार निर्मित नहीं होते हैं।

खरीदार को होना होगा जागरूक
प्लॉट या भी पूर्ण विकसित कॉलोनी में मकान खरीदने से पहले ग्राहक को सबसे पहले प्लॉट के डायवर्जन, विकास की अनुमति की जानकारी लेना चाहिए। प्लॉट या फिर मकान कृषि भूमि पर निर्मित तो नहीं है यह भी देखना होगा। विक्रेता के द्वारा बताई गई सारी सुविधाएं मौके पर है भी या नहीं इस पर भी गौर करना चाहिए, क्योंकि छिंदवाड़ा जिला मुख्यालय पर लम्बे समय से प्लॉट और मकान की आसमान पहुंची कीमतों के बाद धरातल पर सुविधाएं शून्य होती है। इसीलिए प्लॉट और मकान की खरीदी करते समय आम लोगों को भी जागरूकता का परिचय देना चाहिए।

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babanrao pathe Reporting
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