आखिर क्यों मेडिकल डीन के खिलाफ हो गए डॉक्टर

डॉक्टरों ने कहा-समय पर तनख्वाह नहीं,पुस्तकों का 75 लाख का बजट भी लौटाया

By: manohar soni

Updated: 25 Jun 2021, 11:09 AM IST

छिंदवाड़ा. मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ.जीबी रामटेके की कार्यशैली के खिलाफ डॉक्टर गुरुवार को खुलकर सामने आ गए। उन्होंने छिंदवाड़ा दौरे पर आए जबलपुर कमिश्नर चंद्रशेखर बोरकर को जिला अस्पताल के दौरे के समय ज्ञापन देने हुए डीन की शिकायत की और तुरंत कार्रवाई की मांग की। कमिश्नर ने इस पर ध्यान देने की बात कहीं।
कॉलेज के डॉक्टरों ने संयुक्त हस्ताक्षरित ज्ञापन में साफ कहा कि डीन अपने फैकल्टी और कर्मचारियों के साथ अशिष्ट व्यवहार करते हैं। अभी तक 7 पे का बकाया एरियर्स अन्य संकायों और कर्मचारियों को जारी नहीं किया। तीन माह से समय पर तनख्वाह भी नहीं दी जा रही है। डीन कभी भी डॉक्टरों को किसी बाहरी परीक्षक के रूप में विश्वविद्यालय की परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं देते हैं। इसके अलावा अन्य शिकायतों को भी गंभीरता लिया जाना चाहिए।
...
ज्ञापन में ये भी कहा डॉक्टरों ने
1. अधिकांश अवकाश वर्ष के अंत में समाप्त हो जाते हैं। क्षतिपूर्ति की छूट भी नहीं दी जाती है।
2.डीन द्वारा कई पत्र देने के बावजूद विभागों की आवश्यकताएं कभी भी पूरी नहीं की जा रही हैं।
3.डॉक्टरों को कार पार्किंग, इंटरनेट के उपयोग की अनुमति नहीं दी जा रही है।
4.अब तक विभाग के लिए वाटर कूलिंग मशीन, एसी गैस, छोटे सामान यूके स्टेशनरी, नोटिस बोर्ड, पर्दे, फर्श धोने की सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई है।
5. वर्तमान शैक्षणिक सत्र के लिए कोई पुस्तकें और पत्रिकाएं नहीं हैं। पिछले वर्ष में लगभग 75 लाख रुपए लौटाए गए थे क्योंकि डीन द्वारा इसका उपयोग नहीं किया गया था।
6. हर बार का वेतन देर से मिलता है। अप्रैल के महीने का वेतन हमें 19 मई को मिला और मई के महीने का वेतन 23 जून को दिया गया।
7 उचित विद्युत और पानी की आपूर्ति परिसर में नहीं की जा रही है। डीन मामले की अनदेखी कर रहे है।
8. वार्ड बॉय, गार्ड, स्वीपर आदि की कमी। क्लिनिकल वार्डों में कई बार डॉक्टरों को धमकाने की शिकायत पर डीन उदासीन।
9.डॉक्टरों को वेतन वृद्धि का लाभ नहीं। लंबित अवकाश का लाभ भी नहीं दे रहे हैं।

manohar soni Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned