मप्र का बढ़ा रुतबा, आदिवासी बेटी बनी राज्यपाल

मप्र का बढ़ा रुतबा, आदिवासी बेटी बनी राज्यपाल

Rajendra Sharma | Updated: 18 Jul 2019, 09:08:01 AM (IST) Chhindwara, Chhindwara, Madhya Pradesh, India

छत्तीसगढ़ के राजभवन में पहुंची अनुसुइया उइके, देश के नक्शे में छाया जिला, उपलब्धि पर दौड़ी हर्ष की लहर

छिंदवाड़ा. देश के नक्शे में एक बार फिर छिंदवाड़ा का रुतबा बढ़ गया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राज्यपाल बतौर अनुसुइया उइके की नियुक्ति छत्तीसगढ़ के राजभवन में कर दी है। कमलनाथ के मुख्यमंत्री बनने पर जिले को मान-सम्मान मिला था। अब राज्यपाल के रूप में इस उपलब्धि से जिलेवासियों में हर्ष की लहर दौड़ गई है।
जिले के ग्राम रोहनाकलां में जन्मी व एमए अर्थशास्त्र-एलएलबी तक शिक्षित वरिष्ठ नेत्री अनुसुइया वर्तमान में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की उपाध्यक्ष बतौर सेवाएं दे रहीं थीं। इससे पहले वे विधायक और राज्यसभा सांसद रहीं। उन्होंने भाजपा के संगठनात्मक पद के साथ देश व प्रदेश के अलग-अलग आयोग का प्रशासनिक कामकाज भी सम्भाला। इस बार राष्ट्रपति द्वारा छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के रूप में उनकी नियुक्ति करने से उनका राजनीतिक कद और ऊंचा हो गया है। अब उनके नाम के आगे महामहिम शब्द जुड़ जाएगा। इससे उनके समर्थक और शुभचिंतक खुश हो गए हैं। इस उपलब्धि के बाद जिले के लोग कहीं बाहर जाएंगे तो यह कह पाएंगे कि छिंदवाड़ा से मुख्यमंत्री के साथ राज्यपाल भी पदासीन हैं।

निराश कार्यकर्ताओं को मिलेगा सम्बल

प्रदेश में कांग्रेस सरकार और मुखिया छिंदवाड़ा से चुने जाने के बाद भाजपा के नेता और कार्यकर्ता निराश हो गए थे। उनकी राजनीतिक गतिविधियां भी सीमित दिखाई दे रहीं थीं। जिला नेतृत्वविहीन दिखाई दे रहा था। फिलहाल अनुसुइया उइके की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति से नेताओं और कार्यकर्ताओं को सम्बल मिलेगा। छिंदवाड़ा से उनकी नेता पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में राज्यपाल हो गई हैं। फिलहाल इस सम्मान से उनका सीना गर्व से चौड़ा हो गया है।

विधायक से राज्यपाल का सफर

1985-90 विधानसभा दमुआ की विधायक
1988-89 मप्र की महिला बाल विकास मंत्री
1998-99 भूमि विकास बैंक की प्रभारी अध्यक्ष
2006 राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग अध्यक्ष
2002-2005 राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य
2006-2012 राज्यसभा की सदस्य रहीं
2017 जनवरी राष्ट्रीय अनु. जनजाति आयोग उपाध्यक्ष
2019 अब छत्तीसगढ़ की राज्यपाल

नोट : जिले की वरिष्ठ नेत्री अनुसुइया ने अपने छात्र जीवन में छात्रसंघ पदाधिकारी के साथ-साथ भाजपा के संगठनात्मक पदों के अलावा सामाजिक और आदिवासी संगठनों की जिम्मेदारी भी सम्भाली है। इसके साथ ही कई विदेश यात्राएं भी की हैं। संसद की चर्चाओं में भी बतौर राज्यसभा सदस्य उनका उल्लेखनीय योगदान रहा है।

ये भी खास : एमए अर्थशास्त्र और एलएलबी तक शिक्षित अनुसुइया उइके अपने राजनीतिक जीवन में विभिन्न पदों पर रहीं । राज्यसभा सदस्य के बाद वे कुछ साल तक प्रदेश भाजपा की उपाध्यक्ष भी रहीं।

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned