Artist: दर्शक बिना कलाकारों ने दी कथा नाट्य की शानदार प्रस्तुति, यह थी वजह

ओम मंच पर अस्तित्व के रंग कर्मियों ने नवाचार पेश किया।

By: ashish mishra

Published: 02 Aug 2020, 12:34 PM IST

छिंदवाड़ा. महान कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की 140 वीं जयंती(31 जुलाई) के उपलक्ष्य में रंगकर्म, सामाजिक सरोकार और जन जागरूकता को समर्पित संस्था ओम मंच पर अस्तित्व के रंग कर्मियों ने नवाचार पेश किया। कोरोना काल में प्रशासन की गाइडलाइन के अनुसार कोई भी सार्वजनिक आयोजनों पर प्रतिबंध लगा हुआ है। इसके मद्देनजर संस्था के रंग कर्मियों ने मुंशी प्रेमचंद की एक गुमशुदा सी कहानी ‘लैला’ पर आधारित कथा नाट्य मगन का दर्शकों की अनुपस्थिति में प्रस्तुतीकरण ओम थिएटर स्टूडियो में किया। कहानी के कथानक के अनुसार एक कलाकार द्वारा ईरान राजसत्ता में व्यवस्था परिवर्तन को बहुत ही बेहतरीन ढंग से प्रस्तुत किया गया। कहानी का नाट्य रूपायन और निर्देशन युवा रंगकर्मी शिरिन आनंद दुबे ने किया तथा सह निर्देशन विक्रम टांडेकर, फैसल अफरोज कुरैशी एवं शिवानी बानिया ने किया। नाटक की प्रमुख भूमिकाओं में यश राय, नेहा बनिया, विक्रम टांडेकर, तृप्ति विश्वकर्मा, शिवानी बानिया, फैसल अफरोज कुरैशी, अमन साहू, समसुन्निशा कुरैशी, रोहित उईके, सतीश विश्वकर्मा एवं वरिष्ठ रंगकर्मी विजय आनंद दुबे ने अपनी शानदार अदाकारी से कहानी के रंगमंच की अवधारणा को दर्शकों की अनुपस्थिति के बावजूद भी साकार किया। नाटक में बाल कलाकारों के रूप में राम साहू, अंशु सोनी, राजवीर साहू और रिया सोनी ने सहभागिता रही। मंच परे प्रस्तुति के प्रभावोत्पादक रंग दीपन से हिमांशु भार्गव ने दृश्यों को जीवंतता प्रदान किया। मंच सज्जा रोहित उईके, राम सोनी, नितेश विश्वकर्मा ने की। रंग संगीत फैसल अफरोज कुरैशी, रंगभूषा शिवानी बानिया, रूप सज्जा तृप्ति विश्वकर्मा, नीति सेठ और विक्रम टांडेकर एवं कार्यक्रम का संचालन डॉ. पवन नेमा ने किया। संस्था के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र आचार्य ने बताया कि संस्था ओम् मंच पर अस्तित्व प्रतिवर्ष मुंशी प्रेमचंद जी जयंती उनकी किसी एक कहानी के मंचन के साथ मनाती रही है और वह परंपरा भी प्रशासन के निर्धारित गाइड लाइन के अनुसार निभाई गई।

ashish mishra Desk
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