पांच वर्षों की कार्ययोजना तैयार करने कहा

जनपद पंचायत के सभाकक्ष में ग्राम पंचायत सचिवों की बैठक आयोजित की गई जिसमें सीइओ विजयलक्ष्मी मरावी, आरइएस के सहायक यंत्री हितेश हिरकने ने सबका साथ सबका विकास योजना की कार्ययोजना तैयार करने के लिए सचिवों को निर्देशित किया।

By: Sanjay Kumar Dandale

Published: 27 Feb 2021, 06:26 PM IST

छिंदवाड़ा/पांढुर्ना. जनपद पंचायत के सभाकक्ष में ग्राम पंचायत सचिवों की बैठक आयोजित की गई जिसमें सीइओ विजयलक्ष्मी मरावी, आरइएस के सहायक यंत्री हितेश हिरकने ने सबका साथ सबका विकास योजना की कार्ययोजना तैयार करने के लिए सचिवों को निर्देशित किया।
बैठक में सीइओ ने निर्देश देते हुए बताया कि अगले पांच वर्षों के लिए किए जाने वाले विकास कार्यों का प्रारूप बनाकर शीघ्र सौंपना है। इसे शासन को भेजकर स्वीकृत कराने की कार्यवाही की जाएगी। इसी तरह बैठक में जनपद पंचायत सदस्यों की निधि से होने वाले विकास कार्यों के प्रस्ताव जल्द देने के लिए कहा गया।
इनके शीघ्र सीसी जारी कर काम शुरू करने के निर्देश दिए। सीइओ ने बताया कि सदस्यों ने अधिकांश रूप से पेयजल के लिए अपनी निधि दी है। जिनसे ग्राम पंचायतों में पानी की टंकिया आदि निर्माण कार्य किए जाने वाले है।

72 सरपंचों को मिला दस माह का मानदेय
शासन से लंबे समय बाद जनपद पंचायत पांढुर्ना के अंतर्गत आने वाली 25 जनपद क्षेत्रों में से अध्यक्ष सहित 23 जनपद पंचायत सदस्यों को मानदेय प्राप्त हुआ है। उपाध्यक्ष सुनील रबड़े को क्यों मानदेय नहीं दिया गया इसका कोई जवाब नहीं दे रहा है। सुनील रबड़े का कहना है कि मानदेय प्राप्त हो जाएगा आश्वासन दिया गया है। जनपद पंचायत के अध्यक्ष को 6 हजार 500 रुपए और सदस्यों को 1500 रुपए प्रति माह मानदेय शासन देता है। कोरोनाकाल से लेकर अब तक यह मानदेय नहीं मिला था। इनके साथ ही 72 ग्राम पंचायतों के सरपंचों को भी कोरोनाकाल से लेकर अब तक का मानदेय दिया गया है। जनपद पंचायत सीइओ विजयलक्ष्मी मरावी ने बताया कि पिछले अप्रैल माह से लेकर फरवरी माह तक 10 माह का मानदेय प्राप्त हुआ है। सभी के खातों में मानदेय भेजने की कार्रवाई चल रही है। इधर जनपद सदस्यों ने बताया कि इससे पहले के चार माह का मानदेय अब तक नहीं दिया जा सका है।

Sanjay Kumar Dandale
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned