ऋणमाफी योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा: सरकारी कर्मचारी भी धो रहे हाथ, कइयों के खाते में पहुंची राशि

ऋणमाफी योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा:  सरकारी कर्मचारी भी धो रहे हाथ, कइयों के खाते में पहुंची राशि
Big forgery in debt waiver

Prabha Shankar Giri | Updated: 30 Jun 2019, 10:49:41 AM (IST) Chhindwara, Chhindwara, Madhya Pradesh, India

योजना में लाभ पाने वालों की जांच हो जाए तो जिले में ऐसे कई मामले उजागर हो सकते हैं

संदीप चवरे
छिंदवाड़ा. किसानों के ऋण माफ करने के वादे पर सत्ता में आई प्रदेश सरकार ने इसको निभाते हुए जय किसान ऋण माफी योजना का क्रियान्वयन भी जल्द शुरू कर दिया। सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ पात्र किसानों ने तो खूब उठाया ही लेकिन कई लोग ऐसे हैं जो इसके लिए पात्र नहीं हैं लेकिन वे भी ऋण माफी की गंगा में अपने हाथ धो रहे हैं। कइयों के खातों में तो ऋणमाफी की राशि भी आ चुकी है।
शिकवा शिकायतों के बाद अब इनके नाम धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं। इनमें से कुछ तो कार्यवाही के डर से इसको सरेंडर भी कर चुके हैं। जानकारी देने वालों ने बताया कि यदि सूक्ष्मता से योजना में लाभ पाने वालों की जांच हो जाए तो जिले में ऐसे कई मामले उजागर हो सकते हैं।
ध्यान रहे पंचायत स्तर पर ऋणमाफी योजना में ऋण माफ किए जाने के लिए किसानों से आवेदन भराए गए थे। आवेदनों की जांच का काम पंचायत सचिवों को दिया गया था। इसी के साथ किसानों को स्व-घोषणा पत्र भी भरना था जिसमें उन्हें स्वीकार करना था कि वे सरकारी कर्मचारी हैं या नहींं। इसके बाद यह जानकारी पोर्टल पर दर्ज होनी थी। पहले चरण में जब किसानों के नाम आए और कुछ सरकारी कर्मचारियों को भी लाभ मिलने की बात पता चली तो इस सम्बंध में शिकवा शिकायतें हुईं। इसकी जांच हुई तो कुछ नाम सामने आए।
कोरीडोंगरी समिति क्षेत्र के हर्राहेट, पिपरिया, कोरीडोंगरी और पेजनवाड़ा में भी सरकारी कर्मचारी या फिर सेवानिवृत्त पेंशनधारियों को ऋण लाभ मिला है। यहां पांच लोगों के खातों में चार लाख 34 हजार 455 रुपए ऋण के जमा किए गए जो इसकी पात्रता नहीं रखते हैं।

जिले में 1900 पंचायत
जिले में 11 विकासखंडों में 1900 से ज्यादा पंचायतों के एक लाख 29 हजार 674 किसानों ने आवेदन भरे थे। इसमें से एक लाख 28 हजार 621 किसानों के नाम पोर्टल पर दर्ज हुए थे। पहले चरण में इसमें से 57 हजार 541 किसानों को सरकार ने लाभांवित किया है।
पलटवाड़ा और कोरीडोंगरी में छह-सात नाम ऐसे
परासिया विकासखंड के पलटवाड़ा और कोरीडोंगरी में ऐसे छह नाम सामने आए हैं जिनका चार हजार रुपए से लेकर सवा लाख रुपए तक का ऋण माफ हो गया। गौरतलब है इसमें से दो शिक्षक हैं, दो पंचायत सचिव हैं और दो वेकोली से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं जिन्हें 15 हजार रुपए से ज्यादा पेंशन मिल रही है। बताया जाता है कि परासिया विकासखंड में ऐसे प्रकरणों की शिकायत जिला मुख्यालय में हुई। इसके बाद यहां ऐसे प्रकरणों की जांच के लिए पत्र लिखा गया था। इस सम्बंध में नाम न बताने की शर्त पर कुछ मैदानी अधिकारियों ने बताया कि जिस तरह आपाधापी में आवेदन भरवाए गए उसमें कई आवेदनों का सत्यापन भी ढंग से नहीं हुआ।

नियमानुसार ये लोग योजना के लिए पात्र नहीं
ऋणमाफी योजना के क्रियान्वयन के आदेश के साथ नियम भी तय किए थे। उसके अनुसार सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर पालिका, नगर पंचायत, नगर निगम के अध्यक्ष, महापौर, कृषि उपज मंडी अध्यक्ष, सहकारी बैंकों के अध्यक्ष, केंद्र और राज्य सरकार द्वारा गठित निगम, मंडल तथा बोर्ड के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष। इसके अलावा ऐसे व्यक्ति जो आयकर दाता है। इसके अलावा केंद्र और राज्य सेवा के सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारी, निगम मंडल, अर्धशासकीय संस्थाओं में कार्यरत अधिकारी-कर्मचारी (चतुर्थ श्रेणी को छोडकऱ) इस योजना का लाभ नहीं ले सकते। इसके साथ ही ऐसे पेंशनर्स जिनकी पेंशन 15
हजार रुपए प्रतिमाह से ज्यादा है उनके नाम पर भी यदि खेत हैं तो उन्हें इस योजना में शामिल नहीं किया जाना है।

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