यहां बनेगा प्रदेश का सबसे बड़ा हैचरी सेंटर

पहल: मलेरिया विभाग गप्पू और गम्बूशिया मछली का करेगा पालन

By: prabha shankar

Published: 17 Apr 2019, 10:56 AM IST

छिंदवाड़ा. डेंगू मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम के तहत प्रदेश के सबसे बड़े हैचरी सेंटर का निर्माण जिले में जिला मलेरिया विभाग द्वारा कराया जा रहा है। यहां गप्पू और गम्बूशिया मछली का पालन व प्रजनन होगा। बाद में यहां उत्पादित मछलियों को डेंगू तथा मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों के विभिन्न जल स्रोतों में डाला जाएगा। यह योजना मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जेएस गोगिया के मार्गदर्शन में पूरी होनी है।
जिला मलेरिया अधिकारी देवेंद्र भालेकर ने बताया कि शुरुआत में हैचरी सेंटर में पचास हजार मछलियों को रखा जाएगा। इसके लिए एक लाख रुपए की लागत से चार बाय पांच मीटर का पूरी तरह से कवर्ड टांका बनाया गया है। डीएमओ भालेकर ने बताया कि हैचरी सेंटर प्रदेश के कुछ अन्य जिलों में भी स्थापित किए गए हैं, लेकिन छिंदवाड़ा के पिंडरइकलां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थापित होने वाले सेंटर प्रदेश में सबसे बड़ा सेंटर है।

डेंगू-मलेरिया लार्वा का करती है भक्षण
गप्पू तथा गम्बूशिया मछली डेंगू तथा मलेरिया लार्वा का भक्षण कर उन्हें नष्ट कर देती है। इससे मलेरिया अथवा डेंगू का ट्रांसमिशन कम होने लगता है।
बताया जाता है कि जुन्नारदेव, हर्रई, तामिया समेत जिले के अन्य हाईरिस्क क्षेत्रों में उक्त मछली को छोटे-बड़े स्थायी अथवा अस्थायी जल स्रोतों में डाला जाएगा। बताया जाता है कि इन मछलियों का आकार छोटा होता है, जिसकी वजह से कम पानी वाली जगहों में भी आसानी से पनप जाती हैं तथा इससे जन सामान्य को कोई नुकसान भी नहीं है।

घट रहे मलेरिया प्रकरण... इधर मलेरिया विभाग की मासिक रिपोर्ट के आधार पर दावा किया जा रहा है कि जिले में पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष मलेरिया प्रकरणों में कमी दर्ज की गई है। बताया जाता है कि वर्ष 2018 में कुल 135 मलेरिया प्रभावित प्रकरण सामने आए थे, जो कि इस वर्ष घटकर आधे अर्थात 93 हो गए हैं।

prabha shankar Desk
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