डॉक्टरों की वजह से नवविवाहिता नहीं बन सकेगी मां...कलेक्टर करेंगे कार्रवाई, जानें स्थिति

- कलेक्टर सुमन ने कहा होगी सख्त कार्रवाई

By: Dinesh Sahu

Updated: 05 May 2020, 11:15 AM IST

छिंदवाड़ा/ छिंदवाड़ा इंस्टीट्यूटी ऑफ मेडिकल साइंसेस से सम्बद्ध जिला अस्पताल के गायनिक विभाग में डॉक्टरों की लापरवाही ने एक नवविवाहिता से मां बनने का सुख छिन लिया, जिसकी जांच मेडिकल कॉलेज की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. माणिक शिरपुरकर तथा जिला अस्पताल की डॉ. एस. मोइत्रा करेंगी। सोमवार को सिविल सर्जन डॉ. पी. कौर गोगिया ने घटना की गंभीरता को देखते हुए पड़ताल शुरू कर दी है।

डॉ. गोगिया ने बताया कि घटना के वक्त कौन-कौन मौजूद थे तथा किन इमरजेंसी के बावजूद महिला की सर्जरी तत्काल करने का निर्णय क्यों नहीं लिया गया, लगातार ब्लीडिंग हो रही थी तो क्या प्रयास किए आदि बिंदुओं की तीन दिवस में रिपोर्ट मांगी है। बता दें कि 26 अप्रैल 2020 को जुन्नारदेव से गंभीर स्थिति में एक गर्भवती जिला अस्पताल रेफर की गई थी, जो कि रात करीब 9 बजे भर्ती हुई थी।

उस समय महिला को लगातार ब्लीडिंग होने से ब्लड एचबी 4 ग्राम था। इसके बावजूद ड्यूटी और कॉल डॉक्टर ने मामले को गंभीरता से नहीं किया और न ही तत्काल सर्जरी करने का निर्णय लिया। इसकी वजह से महिला की तबीयत ज्यादा हो गई तथा दूसरे दिन अन्यत्र डॉक्टरों ने मरीज की जान बचाने के उद्देश्य से बच्चादानी निकालने का ऑपरेशन किया। बताया जाता है कि महिला का विवाह एक वर्ष पहले ही हुआ है तथा सातवें माह में बच्चा पेट में खत्म हो गया, उक्त घटना के बाद अब वह मां नहीं बन सकेगी।

मुझे मिली है और भी शिकायतें -


डॉक्टरों की लापरवाही की कुछ और भी शिकायतें मुझे मिली है तथा गायनिक विभाग की घटना तथा अन्य शिकायतों की जांच कराएंगे। इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे।


- एस.के. सुमन, कलेक्टर छिंदवाड़ा

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