मनरेगा में बजट संकट: नहीं मिल रही मजदूरी

मनरेगा में बजट का संकट: हर दिन ग्राम-जनपद पंचायत के चक्कर लगा रहे जरूरतमंद

By: manohar soni

Published: 19 Jan 2019, 12:02 PM IST


छिंदवाड़ा.मनरेगा में मेढ़बंधान,शैलपर्ण समेत अन्य काम में मजदूरी कर रहे मजदूरों के बैंक खातों में एक माह से मजदूरी का भुगतान आना बंद हो गया है। इसका कारण राज्य स्तर पर बजट न होना बताया गया है। इससे जरूरतमंद लोग ग्राम पंचायत से लेकर जनपद पंचायत तक चक्कर लगा रहे हैं तो कुछ ने सरकारी निर्माण कार्य में जाना छोड़ दिया है।
मनरेगा के डैशबोर्ड के मुताबिक छिंदवाड़ा जिले में वित्तीय वर्ष 2018-19 में मनरेगा बजट 134.18 करोड़ रुपए स्वीकृत है। अभी तक मजदूरी पर 83.75 करोड़ और मटेरियल पर 50.07 करोड़ रुपए व्यय होना बताया गया है। वर्तमान में मजदूरी का व्यय 2.68 करोड़ और मटेरियल का 2.41 करोड़ रुपए भुगतान बकाया बताया गया है। पंचायतों में जानकारी लेने पर पता चला है कि बीती 23 दिसम्बर के बाद मजदूरों के बैंक खातों में भुगतान आना बंद हो गया है। तब से ही मजदूर परिवार परेशान हो रहे हैं। इसकी जानकारी हर गुरुवार को होनेवाली ग्रामीण विकास विभाग की वीडियो कान्फ्रेंस में भी रखी गई है। वहां से राज्य स्तर पर बजट न होना बताया गया है।
अधिकारी कह रहे हैं कि केन्द्र से बजट न होने से पूरे राज्य में यह स्थिति बन रही है। इसके लिए प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर प्रयास हो रहे हैं। जल्द ही सफलता मिलने की आशा है।
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इनका कहना है..
मनरेगा में मजदूरी का भुगतान न होने की समस्या राज्य स्तर की है। इसका समाधान निकालने के लिए विभागीय अधिकारी प्रयासरत है। जल्द ही कुछ सकारात्मक परिणाम आने की आशा है।
-अनुराग सक्सेना,सीइओ जिला पंचायत।
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इन विकासखण्डों में बकाया भुगतान
ब्लॉक बकाया राशि (लाख में)
अमरवाड़ा 59.81
बिछुआ 32.05
चौरई 44.31
छिंदवाड़ा 10.19
हर्रई 54.53
जामई 84.31
मोहखेड़ 36.45
पांढुर्ना 20.51
परासिया 59.07
सौंसर 14.97
तामिया 64.24
विभागीय 34.96
कुल 515.43

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