चना खरीदी केंद्र में किसानों से अधिक राशि वसूलने का आरोप

शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर चना खरीदी की जा रही है जिसका खरीदी केंद्र चौरई में बनाया गया है। खूंटपिपरिया स्कूल प्रांगण में चल रही चना खऱीदी केंद्र मनमानी हो रही है।

By: Sanjay Kumar Dandale

Published: 31 May 2020, 05:47 PM IST

छिंदवाड़ा/चौरई. शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर चना खरीदी की जा रही है जिसका खरीदी केंद्र चौरई में बनाया गया है। खूंटपिपरिया स्कूल प्रांगण में चल रही चना खऱीदी केंद्र मनमानी हो रही है। यहां भराई तुलाई 10 रुपए प्रति बोरी, हम्माली 10 रुपए प्रति बोरी सिलाई 4 रुपए प्रति बोरी और आखिर में बोरी उठाने के नाम पर 5 से 7 रुपए बोरी की वसूली चल रही।
एक किसान को 50 रुपए प्रति क्विंटल से अधिक का खर्च आ रहा है साथ ही खरीदी के बाद शासकीय परिवहन के लिए भी किसानों से 5 रुपए प्रति बोरी की वसूली अलग से की जा रही है।  पैसे नहीं देने पर पोर्टल पर खरीदी दर्ज न करने की धमकी दी जाती है जबकि परिवहन का खर्च शासन की ओर से मिलता है किसानों के साथ मची लूट पर प्रशासन के अधिकारी चुप्पी साधकर बैठे हैं।
सरकार के सख्त निर्देश हैं कि खरीदी के दौरान पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाए और किसानों को कोई परेशानी न हो परंतु स्थानीय और जिला प्रशासन द्वारा सरकार के निर्देशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं खुलेआम किसानों का शोषण चल रहा है।
चौरई विधायक के गृहग्राम के किसान सरवन मालवी ने बताया कि चार दिन में उनका चना तौला गया और प्रति क्विंटल 50 रुपए से अधिक राशि उनसे ली गई। इसी तरह की जानकारी समसवाडा के किसान राधेश्याम ठाकुर ने खरीदी केंद्र में ही दी साथ ही बताया कि वे गर्मी में तीन दिन से धूप में बैठकर इन्तजार करते रहे केंद्र में पीने का पानी भी नहीं मिलता है। रात के लिए लाइट नहीं लगाए गए हैं सैकड़ों क्विंटल चना खुले में पड़ा है। बारिश होने पर बड़ा नुकसान हो सकता है।
इस सम्बंध में जिला विपणन अधिकारी से बात करने पर उन्होंने कहा कि वे मीटिंग में व्यस्त हैं उनके कार्यालय से खरीदी की व्यवस्था देख रही सरोज मैडम ने बताया कि खरीदी केंद्र को लेकर शिकायतें मिली हैं। वहीं केंद्र प्रभारी एआर डेहरिया ने मनमाने तरीके से बारदाने बांटे हैं किसान परेशान हैं हम जल्द ही ठोस कार्रवाई करेंगे ।

कोरोना संक्रमण से बचने नहीं हैं उपाय
चना खरीदी केंद्र में कोरोना से बचने के लिए कोई इंतजाम नहीं हैं स्वास्थ्य परीक्षण सेनिटाइजर की व्यवस्था नहीं है केंद्र में कहीं भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नजर नहीं आया। साथ ही हमालों किसानों और कर्मचारियों द्वारा मास्क का प्रयोग भी नहीं किया जा रहा है। ऐसे में संक्रमण फैलने की आशंका बनी हुई है पर इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा ये बड़ा विषय है।

Sanjay Kumar Dandale
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