इलाज की सहूलियत बंद, प्राइवेट अस्पताल बने सहारा

जिला अस्पताल में बदइंतजामी: सीएम का जिला होने पर भी ध्यान नहीं दे रहा अस्पताल प्रबंधन

By: prabha shankar

Published: 10 Mar 2019, 11:17 AM IST

छिंदवाड़ा. जिला अस्पताल में हार्ट, किडनी समेत अन्य बीमारियों से सम्बंधित ब्लड-यूरिन से जुड़ी पैथालॉजी जांच बंद पड़ी हुई है। इसके चलते मरीजों को प्राइवेट पैथालॉजी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। सीएम कमलनाथ का जिला होने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन गंभीर नहीं है। अभी तक जांच सामग्री पैथालॉजी लैब को उपलब्ध नहीं कराई गई है।
अस्पताल के पैथालॉजी सेंटर में 48 प्रकार की जांच का हमेशा दावा किया जाता रहा है, लेकिन इस समय मुश्किल से आधी जांचें भी नहीं हो पा रही हैं। सेंटर की सीबीसी मशीन बंद पड़ी है तो वहीं हार्ट की लिपिक प्रोफाइल तथा सीपीएमबी जांच नहीं हो रही है। इसके अलावा किडनी से सम्बंधित यूरिन क्रिटनिन की जांच भी बंद पड़ी है। इससे संबंधित जांच प्राइवेट लैब में 500 रुपए में होती है।
डॉक्टरों के लिखने पर गरीब मरीजों को निजी पैथालॉजी से जांच करवाकर लाना मजबूरी होती है। मरीजों का कहना है कि सीएम कमलनाथ का जिला है तो अस्पताल भी उस हिसाब से तैयार होना चाहिए। पैथालॉजी की सामग्री प्रबंधन उपलब्ध करा दें तो समस्या का अंत हो सकता है लेकिन जिम्मेदार उदासीनता बरह रहे हैं।
इस सम्बंध में जिला अस्पताल की पैथालॉजी लैब प्रभारी डॉ.रंजना टांडेकर का कहना है कि सम्बंधित जांच के लिए सामग्री की मांग का पत्र कई बार सिविल सर्जन कार्यालय पहुंचाया गया। अभी तक सामग्री नहीं मिलने पर जांच को शुरू नहीं कराई जा सकी हैं।

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